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मध्य प्रदेश के पुलिस अधिकारी अवैध रेत, पत्थर उत्खनन में लगे हैं: मंत्री गोविंद सिंह

Tue, 27 Aug 2019 05:20 PM IST
अमर शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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अवैध बालू खनन में लगे ट्रैक्टर (फाइल)
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मध्य प्रदेश के सामान्य प्रशासन एवं सहकारिता मंत्री गोविंद सिंह ने आरोप लगाया है कि प्रदेश के पुलिस अधिकारी खनिज अधिकारियों के साथ मिलकर अवैध रेत और पत्थरों के उत्खनन में लगे हुए है।

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उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत पुलिस एवं 10 प्रतिशत खनिज अधिकारी अवैध रेत, गिट्टी एवं पत्थर उत्खनन में शामिल हैं। दोनों मिलकर खनिज संपदा लूट रहे हैं। उन्होंने कहा, "इस बारे में मैं मुख्यमंत्री कमलनाथ से बात करूंगा।" सिंह ने कहा कि यह पिछले 15-20 साल से चल रहा है। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ वह पिछले 15 वर्षों से लगातार लड़ाई लड़ रहे थे और आज भी सरकार में रहते हुए अवैध उत्खनन रोकने में वह असफल रहे हैं।

जब उनसे सवाल किया गया कि आपने बयान दिया है कि 90 प्रतिशत पुलिस एवं 10 प्रतिशत खनिज अधिकारी अवैध रेत एवं पत्थर उत्खनन में शामिल हैं, तो इस पर सिंह ने फोन पर ‘भाषा’ को बताया, "हां कहा है। जो सच्चाई है वह कहा है।" उन्होंने दावा किया कि अवैध रेत एवं पत्थर उत्खनन पुलिस के सहयोग से ही चल रहा है।
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सिंह ने बताया कि पुलिस कानून व्यवस्था न देखकर अवैध रेत एवं पत्थरों के उत्खनन में लगी है। प्रदेश में जो चोरियां हो रही हैं एवं लूट हो रही हैं, उन्हें रोकने की बजाय पुलिस रेत के डंपरों पर आदमी बैठाकर वसूली कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि अवैध रेत उत्खनन रोकने की कार्रवाई करने पर प्रदेश में 15 हत्याएं हुई हैं, गोलियां चली हैं। पुलिसकर्मियों को भी गोलियां लगी हैं और पटवारियों को पीटा भी गया है।

सिंह ने बताया, "यह पिछले 15-20 साल से चल रहा है।" उन्होंने कहा कि आज भी अवैध रूप से भारी पैमाने पर रेत एवं गिट्टी का उत्खनन हो रहा है।

सिंह ने कहा, "इस बारे में मैंने अभी तक मुख्यमंत्री कमलनाथ से बात नहीं की है। लेकिन अब उनसे बात करूंगा।" उन्होंने कहा कि जिस तरह से कांग्रेस नीत मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ पिछले महीने से अभियान चलाया है, उसी प्रकार रेत के अवैध उत्खनन पर भी रोक लगाए, ताकि हमारी खनिज संपदा से 'रॉयल्टी' आए और उसे प्रदेश के विकास में लगाया जा सके।

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