प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सवा सौ करोड़ लोगों से आगामी पांच वर्ष यानी 2022 तक देश के लिए कोई एक काम करने का संकल्प लेने का आव्हान किया है। उन्होंने नर्मदा नदी के उद्गम स्थल अमरकंटक में कहा, क्या हम व्यक्ति, परिवार, समाज, गांव, नगर और संस्था के बतौर 2022 को ध्यान में रखते हुए कोई एक संकल्प नहीं ले सकते।
उन्होंने कहा कि 2022 हमारे देश की आजादी का 75 वां साल है। जिन शहीदों ने देश के लिए कुर्बानी दी, उन्हें स्मरण करें और कोई एक काम पूरा करें। हमें 2022 तक नए भारत के सपने को पूरा करना है और किसानों की आय दोगुना करना है।
मोदी मध्यप्रदेश में विगत 148 दिनों से चल रही नर्मदा सेवा यात्रा के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह यात्रा 11 दिसंबर 2016 को अमरकंटक से प्रारंभ हुई थी और 3344 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद सोमवार को अमरकंटक में ही इसका समापन भी हो गया। इस मौके पर मोदी ने नर्मदा संरक्षण की एक कार्ययोजना को भी लांच किया। इसके तहत आगामी दो जुलाई को नर्मदा के दोनों तरफ छह करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य भी है।
#WATCH PM Modi speaks at event marking the conclusion of 'Namami Devi Narmade Sewa Yatra' in Amarkantak, MP https://t.co/mJicoYvYg3
— ANI (@ANI_news) May 15, 2017
#WATCH PM Narendra Modi offered prayers at Narmada Udgam Sthal Mandir in Amarkantak, MP pic.twitter.com/rub4zoBBMj
— ANI (@ANI_news) May 15, 2017
नदियां हमारी जीवन रेखा इनका संरक्षण सबका कर्तव्य
अपने करीब पच्चीस मिनट के भाषण में मोदी ने कहा कि जब अधिकार भाव प्रबल हो जाता है और कर्तव्य भाव हम भूल जाते हैं तब समस्या पैदा होती है। धन्य हैं हमारे पूर्वज, जिन्होंने नदियों को बचाकर रखा।
लेकिन अब हालत यह है कि कई नदियां देश के नक्शे में हैं पर उनका कोई वजूद नहीं है। केरल एक ऐसा राज्य है, जहां सिर्फ एक नदी है और वो भी संकट में है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नदियां हमारी जीवन रेखा हैं।
इनका संरक्षण सबका कर्तव्य है। लेकिन नर्मदा को जितना लूट सकते थे, लूटते रहे। हमने नर्मदा की परवाह नहीं की। यदि कर्तव्य भाव से विमुख न हुए होते तो नर्मदा को बचाने की नौबत नहीं आती। नदी संरक्षण जनभागीदारी के बगैर पूरा नहीं हो सकता। दुर्भाग्य है कि जब भी नर्मदा सेवा यात्रा जैसे किसी संकल्प में सरकारें या कोई नेता जुड़ता है तो उसके महत्व को खंडित करने के प्रयास भी शुरू हो जाते हैं।
मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई नर्मदा संरक्षण की कार्ययोजना देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा दायक साबित हो सकती है। वे चाहेंगे कि इसकी एक कॉपी सभी राज्यों को भेजी जाए। इस अवसर पर मोदी ने नर्मदे-सर्वदे के नारे भी लगवाए और अमरकंटक स्थित नर्मदा मंदिर में पूजा अर्चना भी की।
समारोह में लाखों लोग शामिल हुए। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि नर्मदा किनारे के 25 लाख लोगों ने नर्मदा को दुनिया की सबसे साफ नदी बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने आज से नदी संरक्षण अभियान के प्रारंभ होने की जानकारी भी दी। समारोह में महामंडलेश्वर अवधेशानंद, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते भी मंच पर मौजूद थे।