MP Petrol Shortage Rumour: मध्य प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह फैलते ही लोगों में हड़कंप मच गया। घबराहट में बड़ी संख्या में लोग पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए, जहां वाहनों की टंकियां भरवाने के लिए लंबी-लंबी कतारें लग गईं। इन अफवाहों पर प्रशासन क्या कुछ बोला, आइए जानते हैं।
पश्चिम एशिया में इस्राइल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत के अंदरूनी इलाकों तक दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल-डीजल को लेकर अचानक अफवाह फैल गई कि ईंधन की भारी किल्लत होने वाली है। इस खबर ने आम लोगों के बीच डर और असमंजस की स्थिति पैदा कर दी।
अफवाह का असर इतना तेज था कि इंदौर, बालाघाट, खरगोन, उज्जैन और धार में लोग बड़ी संख्या में पेट्रोल पंपों पर पहुंचने लगे। देखते ही देखते पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लग गईं और पैनिक बाइंग की स्थिति बन गई। कई लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के साथ-साथ केनों में भी पेट्रोल जमा करते नजर आए, जिससे हालात और ज्यादा बिगड़ गए।हालांकि प्रशासन और तेल कंपनियों ने साफ किया है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। इसके बावजूद अफवाहों के कारण अचानक बढ़ी भीड़ ने व्यवस्था पर दबाव बना दिया, जिसे संभालने के लिए प्रशासन को सक्रिय होकर मैदान में उतरना पड़ा। आइये जानते हैं इन शहरों में क्या स्थिति रही।
पेट्रोल पंपों को देर रात तक खुले रखने के निर्देश
इंदौर के साथ ही आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पेट्रोल-डीजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। प्रशासन के निर्देश पर जिले के कई पेट्रोल पंपों को देर रात तक खुले रखा गया, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। एडीएम सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, आपूर्ति विभाग और राजस्व विभाग की टीमों ने देर रात तक पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्वयं फील्ड में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और पेट्रोल-डीजल वितरण की सतत मॉनिटरिंग की। सभी पंप संचालकों को निर्देश दिए गए कि वे निर्धारित समय से अधिक देर तक पंप खुले रखें और उपभोक्ताओं को सुचारू रूप से ईंधन उपलब्ध कराएं।
सुबह से मांगलिया से निकले टैंकर
जिला आपूर्ति नियंत्रक एम. एल. मारू ने बताया कि जिले में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। वर्तमान में जिले में प्रतिदिन लगभग 10 लाख लीटर पेट्रोल और 15 लाख लीटर डीजल की खपत होती है, जबकि पंपों पर करीब 42 लाख लीटर पेट्रोल और 65 लाख लीटर डीजल का स्टॉक मौजूद है। इसके अलावा मांगलिया डिपो से लगातार ईंधन की आपूर्ति भी जारी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में पेट्रोल-डीजल की किसी प्रकार की कमी नहीं है। आम उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता के अनुसार ही ईंधन भरवाएं।
पढ़ें: सुबह होते ही पेट्रोल-डीजल के 61 टैंकर रवाना, पंपों पर पहुंचे अधिकारी, प्रशासन ने थामा मोर्चा
मांगलिया डिपो से 61 टैंकर रवाना
इंदौर जिले में पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और सुचारू बनी हुई है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर आज सुबह 6 बजे से मांगलिया स्थित एचपीसीएल, भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के डिपो से टैंकरों में ईंधन भरने का कार्य तेज गति से शुरू कर दिया गया, और कुल 61 टैंकर विभिन्न पेट्रोल पंपों के लिए रवाना किए गए।
धार में अफवाह से पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भीड़
धार जिले में पेट्रोल-डीजल खत्म होने की अफवाह फैल गई। मंगलवार देर रात यह अफवाह खासकर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में तेजी से फैली, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए और लंबी कतारें लग गईं। भीड़ बढ़ने पर पंप संचालकों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाइश दी, लेकिन देर रात तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने जिले में पर्याप्त ईंधन उपलब्ध होने की अपील जारी की, हालांकि इसका तत्काल असर देखने को नहीं मिला।
बुधवार सुबह मांडू रोड स्थित पेट्रोल पंपों पर खुलने से पहले ही दोपहिया वाहन चालकों की लंबी लाइन लग गई। इसी तरह के हालात ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिले। पेट्रोल भरवाने पहुंचे कैलाश शर्मा ने बताया कि उन्हें परिचितों से पेट्रोल बंद होने की सूचना मिली थी, लेकिन पंप पर सैकड़ों लोगों की भीड़ देखकर वे हैरान रह गए। अफवाह के चलते लोगों में ईंधन खत्म होने और कीमत बढ़ने का डर भी देखा गया। बड़ी संख्या में लोग अपने वाहनों की टंकियां फुल कराने पहुंचे, वहीं कुछ लोग केनों में पेट्रोल का भंडारण करते नजर आए।
पढ़ें: पेट्रोल-डीजल की किल्लत को लेकर अफवाह, पंपों पर लगी भीड़; प्रशासन ने कहा- स्टॉक पर्याप्त परेशान न हों
किसानों में सबसे ज्यादा चिंता देखने को मिली। खेती-किसानी के लिए डीजल की जरूरत को देखते हुए कई किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पेट्रोल पंपों पर पहुंचे, ताकि भविष्य में किसी कमी से उनका काम प्रभावित न हो। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनियों से संपर्क कर स्टॉक की स्थिति की जानकारी ली। कंपनियों ने जिले में पर्याप्त ईंधन उपलब्ध होने की पुष्टि की है। साथ ही सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ग्राहकों को सही जानकारी दें और अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करें।
खरगोन में अफवाह से हड़कंप
जिले में पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर फैली अफवाहों ने मंगलवार शाम अचानक माहौल गरमा दिया। सोशल मीडिया और आपसी चर्चाओं के कारण लोगों में घबराहट फैल गई, जिसके चलते बड़ी संख्या में वाहन चालक पेट्रोल पंपों की ओर दौड़ पड़े। हालात ऐसे बने कि शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में कई पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लग गईं, वहीं कुछ स्थानों पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति भी देखने को मिली। बुधवार को भी दिनभर कई पंपों पर भीड़ बनी रही, जबकि कुछ जगहों पर अस्थायी रूप से पेट्रोल उपलब्ध नहीं हो पाया।
हालांकि, जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि जिले में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। जिला आपूर्ति अधिकारी एच.एस. मुवेल के अनुसार, सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है और सप्लाई नियमित रूप से जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि डिपो स्तर पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जिससे डीलर्स को लगातार आपूर्ति की जा रही है।
बालाघाट में भी उड़ी अफवाह
बालाघाट जिले में अफवाहों के रूप में साफ दिखाई देने लगे हैं। सोशल मीडिया पर पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की सप्लाई प्रभावित होने की चर्चाओं ने ऐसा माहौल बना दिया कि जिलेभर में लोग घबराकर ईंधन और गैस का स्टॉक करने निकल पड़े। मंगलवार रात पेट्रोल पंपों पर अचानक बढ़ी भीड़ ने हालात बिगाड़ दिए। वहीं बुधवार सुबह होते-होते गैस एजेंसियों के बाहर भी लोगों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई जगह पुलिस और प्रशासन को मौके पर पहुंचकर व्यवस्था संभालनी पड़ी।
अफवाह ने बढ़ाई बेचैनी, जरूरत से ज्यादा खरीदारी
जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक खबर तेजी से वायरल हुई, जिसमें मध्य-पूर्व के तनाव के चलते भारत में ईंधन और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की बात कही गई थी। इस अपुष्ट खबर ने लोगों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया। आमजन ने बिना पुष्टि किए ही पेट्रोल-डीजल भरवाना और गैस सिलेंडर लेने की होड़ लगा दी। कई लोग एक से अधिक सिलेंडर लेने की कोशिश करते भी देखे गए, जिससे अव्यवस्था और बढ़ गई।
बुराहनपुर में भी उड़ी अफवाह
बुरहानपुर में देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पेट्रोल खत्म होने की अफवाह तेजी से फैल गई। देखते ही देखते जिले भर के पेट्रोल पंपों पर बाइक सवारों की लंबी कतारें लग गईं और लोग अपने वाहनों में जरूरत से ज्यादा पेट्रोल भरवाने के लिए उमड़ पड़े। स्थिति को संभालने के लिए पेट्रोल पंप संचालकों ने लोगों को बार-बार समझाने की कोशिश की कि जिले में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य है।
इसके बावजूद अफवाह के चलते लोगों की चिंता बढ़ती गई और भीड़ कम होने के बजाय लगातार बढ़ती रही। हालात बिगड़ते देख जिला प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। प्रशासन ने सोशल मीडिया के माध्यम से स्पष्ट संदेश जारी कर बताया कि बुरहानपुर जिले में पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और सभी पेट्रोल पंपों पर वितरण सामान्य रूप से जारी है। किसी भी तरह की किल्लत नहीं है।
मंदसौर में भी दिखा असर
जिले में पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर मंगलवार शाम से अफवाहों का दौर जारी है, जिसका असर बुधवार को भी देखने को मिला। अफवाहों के चलते कई जगहों पर लोग घबराकर पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगाते नजर आए। स्थिति को स्पष्ट करने के लिए मंदसौर जिला पेट्रोल पंप एसोसिएशन सामने आया और आमजन से संयम बरतने की अपील की। वहीं, जिला आपूर्ति अधिकारी ने भी स्पष्ट किया कि जिले में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है।
एसोसिएशन के सचिव कार्तिक अग्रवाल ने बताया कि जिले में ईंधन की किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल-डीजल उपलब्ध है और सप्लाई नियमित रूप से जारी है। उन्होंने कहा कि जिले में ईंधन का भरपूर स्टॉक मौजूद है, इसलिए अफवाहों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है।