मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों को अब कम समय रह गया है। ऐसे में एससी एसटी एक्ट को लेकर नेताओं के प्रति जनता का गुस्सा भी किसी से छिपा नहीं है। साथ ही लोग नेताओं से इसलिए भी नाराज हैं क्योंकि वह अपने निर्वाचन क्षेत्र में सक्रिय नहीं रहते। जिसके कारण लोगों ने उनके लापता होने के पोस्टर लगा दिए हैं।
ऐसा ही एक लापता वाला पोस्टर अनूप मिश्रा के लिए भी लगया गया। जिसमें उनका नाम, उम्र, रंग और कद लिखा है। साथ ही नीचे लिखा है कि सूचना देने वाले व्यक्ति को उचित पुरस्कार दिया जाएगा। पोस्टर के आखिर में लिखा है, निवेदक- समस्त सर्वण एंव पिछड़ा वर्ग समाज।
अभी तक भाजपा के सांसदों के खिलाफ ऐसे अभियानों के कई मामले सामने आ चुके हैं। इससे पहले अप्रैल 2018 में खजुराहो सांसद नागेंद्र सिंह के लापता होने के पोस्टर फेसबुक पर जारी किए गए थे। ऐसे ही अभियान दो बार खरगोन सांसद सुभाष पटेल के खिलाफ चल चुके हैं। उनके लिए भी ऐसे ही पोस्टर लगे थे। इसके साथ ही ज्ञान सिंह और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के खिलाफ भी ऐसे पोस्टर लग चुके हैं।
मामले पर भिंड के सांसद भागीरथ प्रसाद का कहना है कि केवल कुछ ही लोग क्षेत्र में उनका विरोध कर रहे हैं। यह विरोधी भी एससी एसटी एक्ट को लेकर हैं। उन्होंने कहा कि वह बीते एक हफ्ते से क्षेत्र से जुड़े विषयों पर ही बैठकें कर रहे हैं। प्रसाद ने कहा कि कुछ लोगों के विरोध से उनके द्वारा कराया गया विकास नहीं छिपेगा। बता दें भागीरथ प्रसाद के खिलाफ भी लापता होने के पोस्टर लग चुके हैं।