सोशल मीडिया पर महंगे मोबाइल, लग्जरी लाइफस्टाइल और ठाठ-बाठ का दिखावा कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकता है। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के पवई में ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कपड़ा व्यापारी के 19 वर्षीय बेटे का अपहरण सिर्फ इसलिए कर लिया गया, क्योंकि बदमाशों ने उसकी सोशल मीडिया रील्स देखकर उसे बेहद अमीर समझ लिया।
अपहरण के बाद आरोपियों ने परिजनों से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी। डरे-सहमे परिजनों से उन्होंने ऑनलाइन 1 लाख 48 हजार रुपये भी ट्रांसफर करा लिए। हालांकि, पन्ना पुलिस की त्वरित कार्रवाई से युवक को सकुशल मुक्त करा लिया गया। पुलिस ने फिरौती की रकम वाले बैंक खाते को तत्काल फ्रीज कर राशि सुरक्षित कर ली। बाद में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया।
पुलिस की घेराबंदी में उसी दिन मुक्त हुआ युवक
पुलिस के अनुसार, 27 जून 2026 को पवई निवासी कपड़ा व्यापारी के बेटे अंशुल उर्फ कान्हा डेंगरे का तीन बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। युवक को बंधक बनाकर उसके परिजनों से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। घबराए परिजनों ने आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खाते में 1 लाख 48 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। सूचना मिलते ही पन्ना पुलिस सक्रिय हुई। तकनीकी साक्ष्यों और घेराबंदी के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसी दिन युवक को सकुशल बरामद कर लिया। साथ ही जिस खाते में फिरौती की राशि भेजी गई थी, उसे तुरंत फ्रीज करा दिया गया।
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तीन आरोपी गिरफ्तार, हथियार और बाइक बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने राजकमल रजक, राजकुमार पाल और शिवेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से एक पिस्तौल, दो देशी कट्टे और वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आम लोगों में कानून के प्रति विश्वास और अपराधियों में भय पैदा करने के उद्देश्य से तीनों आरोपियों का पवई नगर के प्रमुख मार्गों पर पैदल जुलूस निकाला। इसके बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अपनी संपन्नता, महंगे सामान और निजी जीवन का अनावश्यक प्रदर्शन करने से बचें। ऐसी जानकारी अपराधियों के लिए किसी व्यक्ति को निशाना बनाने का माध्यम बन सकती है। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की सलाह दी गई है।