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एमपी: मझगांय डैम के पानी में उतरे आदिवासी किसान, चिता बनाकर किया अनोखा विरोध; गले में फंदा डाल जताई नाराजगी

Sat, 12 Sep 2026 06:12 PM IST
पन्ना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पन्ना
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पानी में उतरे किसान - फोटो : अमर उजाला
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पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र में मझगांय सिंचाई परियोजना को लेकर आदिवासी किसानों का अनोखा विरोध सामने आया है। जय किसान पार्टी के बैनर तले बड़ी संख्या में ग्रामीण और प्रभावित किसान डैम के पानी के बीच पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने पानी के बीच सांकेतिक रूप से चिता बनाई। वहीं, कुछ प्रदर्शनकारियों ने गले में फंदा डालकर अपनी मांगों की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।

किसानों का कहना है कि उनकी जमीन मझगांय सिंचाई परियोजना के डूब क्षेत्र में आ रही है, लेकिन उन्हें अब तक जमीन के मुताबिक उचित मुआवजा नहीं मिला है। किसानों ने आरोप लगाया कि परियोजना के कारण उनकी कृषि भूमि डूब क्षेत्र में जा रही है, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी और भविष्य का संकट खड़ा हो गया है।

डूब क्षेत्र में आ रही जमीन, मुआवजे को लेकर नाराजगी

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अजयगढ़ क्षेत्र में मझगांय सिंचाई परियोजना के निर्माण को लेकर डूब क्षेत्र में आने वाले किसानों और ग्रामीणों में नाराजगी है। प्रभावित किसानों का आरोप है कि शासन-प्रशासन की ओर से मुआवजे की प्रक्रिया की जा रही है, लेकिन कई परिवारों को उनकी जमीन के मुताबिक उचित मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। प्रदर्शनकारियों का यह भी आरोप है कि कई पात्र हितग्राहियों के नाम मुआवजा सूची में शामिल ही नहीं किए गए हैं। किसानों का कहना है कि परियोजना से वास्तव में प्रभावित होने वाले परिवारों का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए और उनके नाम मुआवजा सूची में शामिल किए जाएं, ताकि उन्हें उनका अधिकार मिल सके।

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निष्पक्ष सर्वे और उचित मुआवजे की मांग

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ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि डूब क्षेत्र में आने वाली जमीन का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए। इसके साथ ही प्रभावित किसानों को उनकी जमीन के मुताबिक उचित और न्यायसंगत मुआवजा दिया जाए। जिन पात्र परिवारों के नाम अभी तक मुआवजा सूची में शामिल नहीं किए गए हैं, उन्हें भी तत्काल सूची में जोड़े जाने की मांग की जा रही है।

कई बार प्रशासन के सामने रखी मांग
किसानों का कहना है कि उन्होंने अपनी मांगों को लेकर कई बार प्रशासन के सामने अपनी बात रखी, लेकिन समस्याओं का उचित समाधान नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। इसी क्रम में किसानों ने पानी के बीच चिता बनाकर और गले में फंदा डालकर सांकेतिक विरोध किया।

आंदोलन से प्रशासन का ध्यान खींचने की कोशिश

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किसानों के इस अनोखे विरोध प्रदर्शन ने प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता और प्रभावित परिवारों को उनका हक नहीं मिलता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। अब देखना होगा कि प्रशासन किसानों की मांगों पर क्या कदम उठाता है और मझगांय सिंचाई परियोजना से प्रभावित परिवारों को कब तक राहत मिलती है।

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