उमंग सिंघार ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव
पन्ना में रुंज-मझगांय और केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित विस्थापित परिवारों के मुआवजे का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। विस्थापित परिवारों के साथ नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पन्ना कलेक्ट्रेट का घेराव किया और प्रभावित परिवारों को समय पर उचित मुआवजा देने की मांग उठाई। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार पर मुआवजा वितरण में पक्षपात करने और आदिवासी परिवारों के साथ अन्याय करने के आरोप लगाए।
मुआवजा वितरण में भेदभाव का आरोप
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि परियोजनाओं से प्रभावित परिवार अपने अधिकारों के लिए लगातार परेशान हो रहे हैं। उनका आरोप है कि कुछ लोगों को मुआवजा दिया जा चुका है, जबकि पात्र होने के बावजूद कई परिवार अब तक मुआवजे से वंचित हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया चल रही है, तो पात्र लोगों को उनके अधिकारों से वंचित क्यों रखा जा रहा है?
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आदिवासियों के साथ अन्याय का लगाया आरोप
उमंग सिंघार ने कहा कि सरकार आदिवासियों के साथ अन्याय कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विस्थापित परिवारों की शिकायतों पर उचित जांच नहीं की जा रही है और सरकार इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही है। उन्होंने मांग की कि मुआवजे से वंचित परिवारों के मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और पात्र हितग्राहियों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाए।
विधानसभा में भी उठेगा मुद्दा
कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट किया कि विस्थापित परिवारों की समस्याओं को लेकर उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाएंगे, ताकि सरकार के सामने प्रभावित परिवारों की समस्याओं को प्रमुखता से रखा जा सके और उन्हें न्याय मिल सके।
पन्ना में विस्थापितों के हक की लड़ाई