रत्नगर्भा पन्ना की धरती एक बार फिर सुर्खियों में है। कृष्णा कल्याणपुर की उथली खदान से 150 कैरेट का हीरा मिलने की सनसनीखेज जानकारी सामने आई है। यह दावा मैहर निवासी जयबहादुर सिंह पिता बलवीर सिंह ने अपने साथियों के साथ किया है।
जानकारी के अनुसार जयबहादुर सिंह ने 13 फरवरी 2025 को हीरा कार्यालय से पट्टा संख्या 0062, खसरा नं. 102/1 पर खदान पट्टे पर लेकर कार्य प्रारंभ किया था। सात माह की कड़ी मेहनत के बाद पांच सितंबर 2025 को खदान से करीब 150 कैरेट का हीरा निकले जाने की बात सामने आई।
शिकायत पहुंची कोतवाली और हीरा कार्यालय
जयबहादुर सिंह का आरोप है कि खदान में निकला हीरा दयाराम पटेल सहयोगी के पास रखा गया, लेकिन उसने मिलकर जमा कराने से इनकार कर दिया। वो अपने या रिश्तेदारों के नाम से जमा कराने की योजना बना रहा है। इस पर जयबहादुर ने पुलिस अधीक्षक और कोतवाली पन्ना में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के साथ हीरे की फोटो और पट्टा संबंधी प्रमाण भी संलग्न किए गए हैं।
पार्टनरों के बीच विवाद
इस खदान कार्य में जयबहादुर सिंह के साथ किशोर खोड़े इंदौर नरेन्द्र कुमार सेन विलखुरा दयाराम पटेल विलखुरा महेन्द्र सिंह गौड़ मठली और प्रकाश पटेल विलखुरा साझेदार थे। आरोप है कि हीरा निकलने के बाद एक पार्टनर किशोर ने केवल फोटो देखकर जानकारी दी, लेकिन बाकी सहयोगियों से हीरे को छिपाया गया।
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इतिहास गवाह है...
पन्ना की धरती का हीरा इतिहास पुराना है। 15 अक्तूबर 1961 को रसूल मोहम्मद ने 44 कैरेट 55 सेंट का हीरा कार्यालय में जमा किया था। तभी से यहां बड़ी खोज की उम्मीदें और बढ़ गईं। स्थानीय लोग मानते हैं कि यह धरती कई बार रातों-रात रंक को राजा बनाने की क्षमता रखती है।
प्रशासन के लिए चुनौती
150 कैरेट के हीरे की सूचना मिलते ही पूरे प्रदेश में चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यदि यह हीरा सही सलामत कार्यालय में जमा हो जाता है तो यह प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी गौरव की बात होगी।
अब तक का सबसे बड़ा हीरा
अनुपम सिंह, हीरा पारखी हीरा कार्यालय पन्ना ने कहा “शिकायत पत्र के साथ हीरे की फोटो कार्यालय को प्राप्त हुई है। मामला पुलिस तक भी पहुंचा है। जांच की जा रही है। यदि हीरा जमा कराया जाता है तो अब तक का सबसे बड़ा हीरा होगा पन्ना से।