देश-दुनिया में हीरे के लिए मध्य प्रदेश के पन्ना का नाम विशेष रूप से जाना जाता है। पन्ना का जेम्स क्वालिटी का हीरा अपनी खूबियों के लिए प्रसिद्ध है। हीरा निकलता तो मध्य प्रदेश में है, लेकिन तराशा दूसरे प्रदेश में जाता है। इसका नुकसान कहीं न कहीं तुआदारों (हीरा खोजने वाले) को होता है। इसके समाधान के लिए मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने अब हीरे के काम को औद्योगिक रूप से विस्तार देने की योजना बनाई है। सरकार ने डायमंड पार्क बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए शासन ने 12 करोड़ 64 लाख का बजट भी दिया है।
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दरअसल मध्य प्रदेश का पन्ना हीरे के लिए पूरे विश्व में अपनी खास पहचान रखता है। पन्ना में NMDC कंपनी प्रमुख रूप से औद्योगिक स्तर पर हीरा उत्खनन करती है। परंपरागत रूप से चाल (हीरा ग्रेवर) को खोदकर, धोकर, बीनकर उससे हीरा निकाला जाता है। यहां से निकलने वाले हीरे की नीलामी की जाती है, लेकिन हीरा तराशने का काम गुजरात के सूरत और अन्य शहरों में होता रहा है। जिससे तुआदारों (हीरा खोजने वाले) को इसकी उच्चतम कीमत नहीं मिल पाती है। इसके समाधान के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने डायमंड पार्क बनाने की प्लान तैयार किया है, ताकि पन्ना के हीरे को पन्ना में ही तराशा जा सके।
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पन्ना कलेक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि पन्ना के समीप जनकपुर गांव में दस हेक्टेयर जमीन इस काम के लिए आरक्षित कर दी गई है। जल्द ही इसमें सड़क, बिजली, पानी की व्यवस्था करके हीरा व्यवसायियों को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।