पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील स्थित खेल ग्राउंड को बिना एनओसी और स्वीकृति के क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर मनोरंजन स्थल के लिए आवंटित किए जाने के मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। चीफ जस्टिस रवि विजय मलिमथ और जस्टिस पुरुषेन्द्र कौरव की युगलपीठ ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई करने के बाद अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, युगलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की है।
दरअसल पन्ना जिले के अजयगढ़ निवासी अफजल मोहम्मद, शेख शाहीद और रत्तू सोनकर ने जनहित याचिका दायर की थी, जिसमें कहा गया कि अजयगढ़ में स्थित खेल ग्राउंड को मनोरंजन स्थल के लिए आवंटित कर दिया गया है, जो कि अवैधानिक है। आवेदकों का कहना है कि खेल ग्राउंड का प्रयोग स्कूल के बच्चे खेलने के लिए करते हैं, साथ ही क्षेत्र के अन्य लोग भी ग्राउंड का उपयोग व्यायाम करने के लिए करते हैं।
याचिका दायर करने वाले आवेदकों का कहना है कि पूर्व में ग्राउंड को स्टेडियम के रूप में विकसित करने के लिए एनओसी ली गई थी, लेकिन इसके बाद जिला कलेक्टर ने ग्राउंड को मनोरंजन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए नगर परिषद को आवंटित कर दिया, जबकि ये अधिकार कलेक्टर को नहीं है। इसके लिए न तो किसी विभाग से एनओसी ली गई और न ही शासन से अनुमति प्राप्त की गई।
मामले में राजस्व विभाग के सचिव, पन्ना कलेक्टर, एसडीओ व तहसीलदार अजयगढ़ और सीएमओ नगर परिषद अजयगढ़ को पक्षकार बनाया गया है। मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिये हैं।