10 दिनों में वह वह शहरी क्षेत्र में आया। वह पालतू सूअरों के बीच रहने लगा। बताया जाता है कि सरकारी अमले द्वारा दो बार जंगली सूअर को जंगल में छोड़ा गया, लेकिन उसके बाद भी वह वापस लौटकर पेंच कालोनी क्षेत्र में आ गया।
जिले के वनमंडल क्षेत्र के चौरई रेंज में एक जंगली सूअर शहर के रिहायशी इलाके में घुमता रहा। साथ ही वह पालतू सूअरों के परिवार का हिस्सा बन गया। उसकी जानकारी मिलने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। तत्काल वन विभाग के अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई। जिसके बाद उसका रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा गया।
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करीब दस दिन पहले जंगली सूअर शहर की पेंच कालोनी क्षेत्र में पहुंच गया। वहां पालतू सूअरों के बीच रहने लगा। साथ ही उनके साथ ही जंगली सूअर शहर की गलियों में भी घुमता रहा। लेकिन इस तरफ किसी का ध्यान नहीं गया। बाद में देशी सूअर पालकों को उसकी भनक लगी तो वह दहशत में आ गए। सूचना मिलते ही रेंजर एचएल सनोडिया, नपा सीएमओ तत्काल हरकत में आ गए। उन्होंने अमले को भेज कर जंगली सूअर का रेस्क्यू कराया और उसे 8 किमी दूर जंगल में छोड़ा गया। इस रेस्क्यू अभियान में डिप्टी रेंजर सहित बीट प्रभारी बंसत बैस, वनरक्षक अभिजीत मगरोले, नपा अमला संदीप शर्मा, संजू यादव, कुणाल पवार सहित अन्य कर्मचारी शामिल थे।
बताया जाता है कि सरकारी अमले द्वारा दो बार जंगली सूअर को जंगल में छोड़ा गया, लेकिन उसके बाद भी वह वापस लौटकर पेंच कालोनी क्षेत्र में आ गया। उसे तीसरी बार जंगल में छोड़ा गया है। बार-बार सूअर को जंगल में छोड़ने और उसके वापस रिहायशी क्षेत्र में आने से लोग दहशत में है।