इन्हें मिलेगा पद्मश्री अवार्ड।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 2023 के लिए पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण सम्मान दिए जाने वाले लोगों के नाम की घोषणा कर दी। मध्य प्रदेश के चार लोगों को पद्मश्री सम्मान से नवाजा जाएगा। इनमें उमरिया जिले में रहने वाली जोधइया बाई और झाबुआ में रहने वाले दंपति रमेश और शांति परमार को कला क्षेत्र में बेहतर काम करने के लिए पद्मश्री पुरस्कार दिया जाएगा। जबकि जबलपुर के डॉक्टर एमसी डावर को चिकित्सा क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। डॉक्टर डावर आज भी 20 रुपये की फीस लेकर मरीजों को इलाज करते हैं।
इन्हें दिया गया पद्मश्री अवार्ड?
मप्र के जबलपुर जिले के रहने वाले डॉक्टर मुनिश्चर चंद्र डावर (एमसी डावर) सेना से सेवानिवृत्त डॉक्टर हैं। वह पहले दो रुपये फीस लेकर मरीजों का उपचार करते थे। आज के दौर में भी वह 20 रुपये की फीस ले रहे हैं। डॉक्टरी को सेवा का भाव मानकर वह गरीबों का उपचार करते आ रहे हैं। जबलपुर ही नहीं पूरे प्रदेश में वह काफी चर्चित है। चिकित्सा क्षेत्र में इस बेहतर योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा।
प्रदेश के उमारिया जिले की बैगा जनजातीय की जोधाइया बाई को कला क्षेत्र में सराहनीय योगदान के लिए पद्मश्री दिया जाएगा। 84 साल की जोधाइया बाई ने पति की मौत के बाद पेंटिंग बनाना शुरू किया था। वे जानवरों की पेंटिंग बनाती है। 2019 में जोधाइया बाई की बनाई गई पेटिंग की प्रदर्शनी इटली में भी लगी थी। इससे पहले उन्हें कई बड़े अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
इनके अलावा कला क्षेत्र में झाबुआ के रहने वाले रमेश परमार और उनकी पत्नी शांति परमार को पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। दंपति डॉल बनाते हैं। इनकी डॉल की मांग देश-विदेशों में है।