इंदौर–खंडवा–इच्छापुर राष्ट्रीय मार्ग पर स्थित खरगोन जिले के बलवाड़ा थाना क्षेत्र में हुए चर्चित हत्याकांड का मास्टरमाइंड आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया। ग्राम काटकुट निवासी मेडिकल दुकान संचालक संदीप शर्मा (36) की हत्या के मामले में उसका ही छोटा भाई, 31 वर्षीय डॉ. दीपक शर्मा, जो इंदौर के ग्रेसी पार्क तेजाजी नगर का निवासी है, ने बलवाड़ा थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया।
10 लाख में दिया था हत्या का कॉन्ट्रैक्ट
बलवाड़ा थाना प्रभारी अनिल बामनिया ने बताया कि पूछताछ में आरोपी डॉ. दीपक ने स्वीकार किया है कि उसने अपने बड़े भाई संदीप की हत्या के लिए सुपारी किलरों को 10 लाख रुपये देने का सौदा किया था। वारदात की साजिश उसने पैतृक जमीन विवाद के चलते रची। उसे शक था कि संदीप मां से जमीन अपने नाम करा लेगा। इसी आशंका से उसने भाई को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
आईटी पार्क में हुई सौदेबाजी
दीपक ने इलाज के लिए आए बड़ेल निवासी तनिष से संपर्क किया और बाद में इंदौर आईटी पार्क में उससे मुलाकात कर सौदा तय किया। हत्या के लिए उसने 25 हजार रुपये एडवांस भी दिए थे। वारदात को अंजाम देने के लिए मुरैना जिले के दतेरा गांव निवासी विकास पिता विश्वनाथ से थार गाड़ी किराए पर ली गई थी।
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पुलिस दबाव में किया सरेंडर
पुलिस की लगातार दबिश और फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद दीपक छिपता रहा, लेकिन अंततः दबाव में आकर उसने बलवाड़ा थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। उसे गुरुवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड की मांग की जाएगी।
पहले ही पकड़े जा चुके हैं सुपारी किलर
इस हत्याकांड में शामिल सुपारी किलर और उनके सहयोगियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। मुख्य साजिशकर्ता दीपक की गिरफ्तारी के साथ मामले की कड़ियां अब पूरी तरह से खुल चुकी हैं।
पुलिस टीम का योगदान
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक अजय झा, नरेंद्र कुशवाहा, कपिल मीणा, सूर्या रघुवंशी, पूनम पांडे, सुनील एयवाल, राहुल वर्मा, संदीप जाट और पूजा शर्मा का विशेष योगदान रहा।