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Shivpuri: चकरामपुर हत्याकांड में एक और घायल ने अस्पताल में तोड़ा दम, पुलिस ने बढ़ाई सतर्कता

Fri, 24 Nov 2023 12:35 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी

सार

Shivpuri: शिवपुरी जिले के नरवर थाना क्षेत्र अंतर्गत चकरामपुर गांव में बीते दिनों हुए दो गुटों के संघर्ष में घायल हुए चौथे व्यक्ति की मौत हो गई है। अस्पताल में इलाज के दौरान घायल मुन्ना भदौरिया (50) की मौत हो गई है। 
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चकरामपुर हत्याकांड में एक और घायल ने अस्पताल में तोड़ा दम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिले के चकरामपुर गांव में बीते दिनों दो गुटों में संघर्ष हुआ था। जिसमें पूर्व में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। अब ग्वालियर अस्पताल में भर्ती चौथे व्यक्ति मुन्ना भदौरिया की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। इस तरह से इस मर्डर केस में अभी तक चार लोगों की मौत हो चुकी है।

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बता दें कि बीते 17 नवंबर की शाम को दो पक्षों में चुनावी विवाद के बाद यहां संघर्ष हो गया था। जिसमें तीन लोगों की मौत पूर्व में हो गई थी। मृतकों के परिवारजनों ने इस मामले में चुनाव वाले दिन फर्जी वोटिंग रोकने के बाद हुए विवाद को इस हत्याकांड का कारण बताते हुए कई आरोप लगाए थे। इसके अलावा इन दोनों पक्षों में पूर्व में भी सितंबर माह में गणेश उत्सव के दौरान डीजे बजाने को लेकर विवाद हो चुका था। तब से ही यह रंजिश चली आ रही थी।

चकरामुपर में पुलिस ने बढ़ाई सतर्कता
इस हत्याकांड के बाद पहले से ही चकरामपुर गांव में पुलिस बल तैनात है, लेकिन अब चौथे व्यक्ति की मौत के बाद यहां और सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा इस हत्याकांड के दौरान पूर्व में मृतक मुन्ना भदौरिया की पत्नि आशा देवी, छोटे भाई लक्ष्मण और भतीजे हिमांशु उर्फ अमर सिंह की जान चुकी है। 17 नवंबर की रात को यहां पर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। बताया गया है कि कुशवाह पक्ष के दो सैकड़ा लोगों ने पहले बोलेरो में सवार भदौरिया परिवार के सदस्यों ने हमला बोल दिया था। इस विवाद में चार लोगों की मौत के अलावा दोनों पक्षों के चार लोगों का उपचार अस्पताल में जारी है।
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गांव में सन्नाटा, कई परिवार गांव छोड़कर भागे
चकरामपुर गांव में इस समय सन्नाटा है। कारण यह है कि इस विवाद के बाद यहां पर लगभग 80 फीसदी परिवार अपने घरों से दूसरे स्थान पर भाग गए हैं। यहां पर कुशवाह जाति के लोग ही ज्यादा रहते हैं और इस विवाद के बाद इस जाति के अधिकांश लोग गांव छोड़कर जा चुके हैं। गांव में यहां पर कई घरों पर ताले लटके हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भारी पुलिस बल तैनात है।

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