अशोभनीय टिपण्णी करके मंत्री पद गंवाने वाले विजय शाह के बाद अब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महिलाओं पर परोक्ष रूप से किए अपने बयान को लेकर विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं।
प्रदेशाध्यक्ष तोमर ने बुधवार को शाजापुर में पत्रकारों से कहा कि यूपीए को तो ब्लास्ट में भी लाभ नजर आता है। हमारे यहां मजाक में कहा जाता है कि अगर कांग्रेस के नेता के घर बच्चा पैदा हो तो इसमें भी बीजेपी का हाथ कहा जाता है।
तोमर की इस टिप्पणी को लेकर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे महिला विरोधी बयान करार दिया है। यहां तक महिला कांग्रेस ने विरोध रैली निकालने की घोषणा भी कर दी है।
बयान के बाद महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष अर्चना जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने भाजपा को अपनी पत्नी के अलावा बाकी महिलाओं के अपमान की छूट दे रखी है। राज्य में बढ़ रहे महिला अत्याचारों के खिलाफ 5 मई को इंदौर में प्रदेशव्यापी रैली निकाली जाएगी।
नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा है कि महिलाओं पर टिप्पणी करने पर विजय शाह को नसीहत देने वाले तोमर उन्हें गंभीर नेता लगते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं रहा। इस तरह की ओछी राजनीति नहीं होनी चाहिए।
वहीं, प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने भाजपा को महिला विरोधी करार देते हुए कहा कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के विवादास्पद बयान से लगता है भाजपा में पूरे कुंए में ही भांग पड़ी है। तोमर के बयान से करोड़ों महिलाओं का अपमान हुआ है।
गौरतलब है कि इससे पहले मध्य प्रदेश सरकार के आदिवासी कल्याण मंत्री विजय शाह को अपनी विवादित टिप्पणी के चलते इस्तीफा देना पड़ा था।
झाबुआ में एक कार्यक्रम के दौरान शाह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी सहित महिलाओं पर अपने भाषण में 'अश्लील' टिप्पणी की थी।