वहीं जयपुर से अपनी मां, मूक-बाधिर बहन और जीजा के साथ आए गौरव अजमेरा ने करीब आधे घंटे तक गीता से बातचीत की। गौरव जयपुर में मॉल संचालक का काम करते हैं। गौरव की मां ने कहा कि वह मूक-बाधिर बच्चों की समस्या अच्छे से समझती हैं। उन्होंने कहा कि वह शादी के इरादे से नहीं आए थे, यदि गीता शादी नहीं चाहती तो कोई बात नहीं। बेटे के लिए और भी रिश्ते आए हैं उन पर विचार करेंगे।
बुनियादी शिक्षा ले रही गीता अब पांचवी कक्षा की परीक्षा में शामिल होगी। गीता का कहना है कि वह जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेगी। उसे ऐसा लड़का चाहिए जो आर्थिक रूप से सक्षम हो। उसने कहा कि वह अच्छे से देखेगी तभी विचार करेगी। उसने कहा कि जो भी उसका फैसला होगा वह विदेश मंत्री
सुषमा स्वराज को बता देगी। उसने कहा कि वह उन्हीं के आदेश का पालन करेगी।
वहीं गुरुवार को गीता से मिलने आए अरुण नामदेव को बेहतर विकल्प होने के कारण शुक्रवार को दोबारा बुलाया गया था। अरुण एक्साइज विभाग में काम करते हैं। लेकिन दूसरे दिन भी उन्हें कोई खास तवज्जो नहीं दी गई जिस पर उन्होंने कहा कि गीता का जो भी फैसला है वह जल्दी बताए नहीं तो वह दूसरी लड़की देखेंगे।