मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक ट्रस्टी पद पर राव पुष्पेंद्रसिंह की नियुक्ति को बरकरार रखा है। न्यायमूर्ति विवेक जैन की पीठ ने ज्येष्ठाधिकार के आधार पर फैसला सुनाते हुए राव विनय प्रतापसिंह की अपील खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने खंडवा जिला न्यायालय के फैसले को पूरी तरह सही माना। इस फैसले के बाद राव पुष्पेंद्रसिंह मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधकीय दायित्वों को संभालते रहेंगे।
जिला न्यायालय के फैसले को रखा बरकरार
इस मामले की शुरुआत 4 सितंबर, 2025 को तत्कालीन प्रबंधक ट्रस्टी राव देवेंद्रसिंह के निधन के बाद हुई थी। वर्ष 1999 में अदालत ने राव देवेंद्रसिंह को ट्रस्टी नियुक्त किया था। बाद में सदस्यों की सहमति से उन्होंने स्थायी प्रबंधक ट्रस्टी की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके निधन से पद खाली होने पर राव पुष्पेंद्रसिंह ने उत्तराधिकार और ज्येष्ठाधिकार के आधार पर जिला न्यायालय में दावा किया था। 25 नवंबर, 2025 को तत्कालीन जिला न्यायाधीश अनिल चौधरी ने राव पुष्पेंद्रसिंह के पक्ष में फैसला सुनाया था।
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जिला न्यायालय ने सही आधार पर की नियुक्ति
राव विनय प्रतापसिंह ने इस फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि ज्येष्ठाधिकार के नियम अनुसार परिवार की वरिष्ठ शाखा का सदस्य ही प्रबंधक न्यासी पद का अधिकारी होता है। अदालत ने माना कि परिवार की वरिष्ठ शाखा के सदस्य राव शिवशरणसिंह के बड़े पुत्र राव पुष्पेंद्रसिंह की नियुक्ति जिला न्यायालय ने सही आधार पर की थी।
ओंकारेश्वर पहुंचने पर समर्थकों ने किया स्वागत
राव पुष्पेंद्रसिंह के ओंकारेश्वर पहुंचने पर समर्थकों, ब्राह्मणों और मंदिर कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने मंदिर में भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए और अभिषेक किया।