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Omkareshwar: सिंहस्थ की तैयारियों के बीच बदहाल सड़क बनी परेशानी, गड्ढों में बेशर्म के पौधे लगाकर अनोखा विरोध

Wed, 08 Jul 2026 07:36 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर

सार

खंडवा जिले के कोठी–भोगांवा–सनावद–ओंकारेश्वर मार्ग की जर्जर हालत के विरोध में किसान कांग्रेस और ग्रामीणों ने सड़क के गड्ढों में बेशर्म के पौधे लगाकर प्रदर्शन किया। उन्होंने शीघ्र मरम्मत की मांग की और चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
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बदहाल सड़कों को लेकर बेशरम के पौधे लेकर प्रदर्शन करते किसान कांग्रेस के सदस्य - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एक ओर सिंहस्थ-2028 को लेकर प्रदेश सरकार करोड़ों-अरबों रुपये की विकास योजनाओं का दावा कर रही है, वहीं मांधाता विधानसभा क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण सड़कों में शामिल कोठी–भोगांवा–सनावद–ओंकारेश्वर मार्ग अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। बारिश के बाद इस मार्ग की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। जगह-जगह गहरे गड्ढे पानी से भरकर छोटे-छोटे तालाब का रूप ले चुके हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। लगातार उपेक्षा से नाराज क्षेत्र के ग्रामीणों और किसान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। 
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किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव गजेंद्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में ग्रामीण युवाओं ने सड़क पर बने पानी से भरे गड्ढों में बेशर्म के पौधे लगाकर शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब सड़क की मरम्मत नहीं हो रही, तो कम से कम इन गड्ढों में पौधे ही उग जाएं ताकि सरकार को अपनी लापरवाही का अहसास हो सके।

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प्रदर्शनकारियों ने बताया कि लगभग आठ किलोमीटर लंबा यह मार्ग सनावद बायपास से कोठी होते हुए ओंकारेश्वर तक हजारों लोगों की जीवनरेखा है। इसी मार्ग से किसान अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाते हैं, विद्यार्थी स्कूल-कॉलेज जाते हैं, मरीज अस्पताल पहुंचते हैं और प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। लेकिन वर्तमान स्थिति में सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और हर सफर जोखिम से भरा हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि पहले यह सड़क लोक निर्माण विभाग  लोक निर्माण वभाग अधीन थी, लेकिन बाद में इसे एमपी रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआरडीसी) को सौंप दिया गया। विभाग बदलने के बाद भी सड़क की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन किसी भी अधिकारी ने फोन रिसीव नहीं किया, जिससे लोगों में और अधिक नाराजगी है।

सोलंकी ने कहा कि कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को इस गंभीर समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। यदि शीघ्र सड़क मरम्मत का कार्य प्रारंभ नहीं किया गया तो किसान कांग्रेस एवं क्षेत्रवासी व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
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क्षेत्रवासियों का कहना है कि सिंहस्थ-2028 को लेकर ओंकारेश्वर में बड़े-बड़े विकास कार्यों की घोषणाएं हो रही हैं, लेकिन श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सबसे मूलभूत आवश्यकता—सुरक्षित एवं सुगम सड़क—आज भी उपेक्षित है। यदि समय रहते इस मार्ग का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया तो आने वाले मानसून में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। प्रदर्शन में मंडल कांग्रेस अध्यक्ष राकेश खाटरिया, जीतेन्द्र सिंह गुडिया, हर्षवर्धन सिंह सोलंकी, सियाराम भाई सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण युवा एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। 
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