मध्यप्रदेश चिकित्सा शिक्षा विभाग के नीट यूजी काउंसलिंग- 2021 में बिना बांड के सीट छोड़ने के समयसीमा ने पीजी के बाद यूजी के छात्रों की भी परेशानी बढ़ा दी है। दरअसल स्टेट कोटे की सीट रिजर्व करने के बाद ऑल इंडिया कोटे के सेकंड राउंड में छात्र भाग नहीं ले सकेंगे। यदि छात्र ऑल इंडिया कोटे के दूसरे राउंड की सीट पर एडमिशन लेते है तो उनको स्टेट कोटे की सीट छोडने के साथ बांड के 30 लाख रुपए भरने होंगे। अब इस नियम को लेकर यूजी में एडमिशन लेने वाले छात्र असमंजस में है।
चिकित्सा शिक्षा विभाग अब तक ऑल इंडिया काउंसलिंग के दूसरे राउंड के बाद ही बांड भरवाता था, लेकिन नीट- 2021 काउंसलिंग के शेड्यूल में ऑल इंडिया काउंसलिंग के दूसरे राउंड के 12 दिन पहले ही बिना बांड के सीट छोड़ सकते है। यानी 7 फरवरी 2022 को सीट छोड़ने पर कोई पैसा नहीं जमा करना होगा। जबकिल इससे पहले नीट यूजी 2020 में ऑल इंडिया काउंसलिंग के दूसरे राउंड की तारीख 25 नवंबर 2020 के 11 दिन बाद यानी 6 फरवरी 2020 और नीट यूजी 2019 में दूसरे राउंड की तारीख 15 जुलाई 2019 से 8 दिन बाद यानी 23 जुलाई 2029 को बिना बांड के सीट छोड़ने का समय दिया था। अब विभाग के नए बिना बांड की सीट छोड़ने की समयसीमा से यूजी के छात्र असमंजस में है।
प्रदेश के छात्रों को नुकसान
जानकारों का कहना है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के गलत शेड्यूल के कारण एमपी के छात्रों को 300 यूजी सीटों का नुकसान होगा। दरअसल बांड के नए शेड्यूल के कारण कई ऑल इंडिया काउंसलिंग के दूसरे राउंड में प्रदेश के बाहर दूसरे अच्छे कॉलेज में एडमिशन पा सकने वाले छात्र स्टेट सीट पर एडमिशन लेने को मजबूर होंगे। इससे मध्यप्रदेश के कम रैंक वाले छात्रों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
सिर्फ एमपी में है नियम
खास बात यह है कि राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, उत्तरप्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र में बिना बॉड के सीट छोड़ने की समयसीमा ऑल इंडिया काउंसलिंग के दूसरे राउंड के बाद तय है। जबकि सिर्फ प्रदेश में ही दूसरे राउंड के पहले ही बिना बांड के सीट छोड़ने की समयसीमा दी गई है।
जिम्मेदार बोले- समयसीमा आगे बढ़ाने पर विचार कर रहे
चिकित्सा शिक्षा विभाग के (यूजी और पीजी प्रवेश) उप संचालक डॉ.राजेन्द्र शर्मा ने कहा कि हमने पीजी की बिना बांड के समयसीमा को 3 फरवरी से बढ़ाकर 13 फरवरी कर दिया है। उनकी ऑल इंडिया सेकंड राउंड का रिजल्ट 12 फरवरी को है। वहीं, यूजी के लिए भी समयसीमा बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।