मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नरसिंहपुर के पुलिस अधीक्षक अजय सिंह को जमकर फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने कहा कि आप लोग टीआई के दबाव में काम करते हैं क्या? टीआई के काम की मॉनिटरिंग एसपी करते हैं या एसपी के काम की मॉनिटरिंग टीआई करते हैं? एसपी ने जवाब में कहा कि हम फेयर काम करते हैं। इस पर जस्टिस विवेक अग्रवाल नाराज हो गए। उन्होंने तो यह भी कह दिया कि दिख रहा है कि आप कितना फेयर कार्य करते हैं। कोर्ट यह देखने के लिए ही तो बनाए गए हैं। जाइए और डायरेक्टर जनरल का हलफनामा लेकर आइए।
मामला दिसंबर 2022 का है। नरसिंहपुर के निवासी अभिषेक राय ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की थी। इंस्पेक्टर अमित कुमार डांगी ने मोबाइल छीना और अभिषेक बनकर सीएम हेल्पलाइन पर की गई शिकायत बंद करवा दी। इस मामले में अभिषेक राय ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। सुनवाई में सरकार ने बताया कि इस मामले में इंस्पेक्टर एवं एक अन्य आरक्षक को निलंबित किया गया है। विभागीय जांच जारी है। हालांकि, राय की ओर से बताया गया कि इंस्पेक्टर को निलंबित करना दिखावा था। 15 दिन बाद निलंबन निरस्त कर दिया गया। इंस्पेक्टर को बचाने के लिए पुलिस तंत्र जुटा है। हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया और नरसिंहपुर एसपी को निबंलन व बहाल करने से जुड़ा रिकॉर्ड लेकर आने को कहा था।
पुराने एसपी ने निरस्त किया था निलंबन
एसपी अजय सिंह ने कोर्ट को बताया कि उनसे पहले विपुल श्रीवास्तव एसपी थे। उन्होंने 12 दिसम्बर 2022 को निलंबन आदेश जारी किया था। इसके बाद 30 दिसंबर को उसे रद्द कर दिया था। निलंबन आदेश निरस्त करने के लिए डांगी ने ही आवेदन किया था। आवेदन में मानसिक दबाव और स्वास्थ का हवाला दिया था। हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया। यह भी कहा कि बिना मेडिकल सर्टिफिकेट के निलंबन कैसे रदद कर दिया गया? हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक से हलफनामा मांगा है। उन्हें निर्देश दिए हैं कि डेपुटेशन पर केंद्र में पदस्थ विपुल श्रीवास्तव का हलफनामा भी पेश किया जाए। याचिका पर अगली सुनवाई 26 जुलाई को होगी। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता दीपक तिवारी ने पैरवी की।