दीपावली की रात कुछ युवाओं द्वारा कार्बाइड गन से धमाके जैसी आवाजें निकालते वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद कलेक्टर रजनी सिंह ने शुक्रवार देर रात आदेश जारी कर गैस लाइटर, प्लास्टिक पाइप और कार्बाइड गन के निर्माण, बिक्री, प्रदर्शन और उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी।
कलेक्टर ने बताया कि कैल्शियम कार्बाइड और पानी के मिश्रण से बनने वाली एसीटिलीन गैस अत्यंत ज्वलनशील और विषैली होती है, जो आंखों, मस्तिष्क और नर्वस सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि आदेश का उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 सहित अन्य धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।
जिलेवासियों से अपील की गई है कि यदि किसी को इस तरह के उपकरणों के निर्माण, बिक्री या उपयोग की जानकारी मिले तो कंट्रोल रूम नंबर 07792-181 पर सूचना दें।
हरदा में भी जारी हुए प्रतिबंधात्मक आदेश
इसी तरह हरदा कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सिद्धार्थ जैन ने भी शुक्रवार को आदेश जारी करते हुए कार्बाइड गन के निर्माण, भंडारण, क्रय-विक्रय, प्रदर्शन और संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध पूरे हरदा जिले की राजस्व सीमा में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
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कलेक्टर जैन ने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति या व्यापारी लोहा, स्टील या पीवीसी पाइप में विस्फोटक पदार्थ भरकर अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले अवैध संशोधित पटाखों का निर्माण या उपयोग नहीं करेगा। इसका उल्लंघन करने वालों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम 2023 की धारा 163 एवं अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अन्य जिलों में पहले लगाए जा चुके हैं प्रतिबंध
छिंदवाड़ा, बैतूल, सागर और होशंगाबाद में भी इस तरह की घटनाओं के बाद पहले ही कार्बाइड गन पर रोक लगाई जा चुकी है। अब हरदा और नरसिंहपुर में भी यह प्रतिबंध लागू हो गया है।
अधिकारियों ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा इस आदेश का उल्लंघन करने पर सीधी आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। आमजन से अपील है कि इस तरह के खतरनाक उपकरणों का प्रयोग न करें और अपने साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।