नर्मदा की कल-कल करती लहरों के बीच तिरंगे से सजी नावें जब ओंकारेश्वर बांध के सामने से होकर भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के समीप पहुंचीं तो मनमोहक दृश्य देखने को मिला। एक ओर मां नर्मदा की पावन धारा, दूसरी ओर ज्योतिर्लिंग का दिव्य धाम और बीच में लहराता तिरंगा लोगों में राष्ट्रभक्ति का भाव जगा रहा था।
नावों पर सवार लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारे लगाए, वहीं घाटों और नदी के दोनों किनारों पर मौजूद श्रद्धालुओं ने इस अनूठे दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो मां नर्मदा की लहरें स्वयं तिरंगे का संदेश लेकर आगे बढ़ रही हों।
नगर भ्रमण के बाद तिरंगा यात्रा निर्धारित समापन स्थल पर पहुंची, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यह तिरंगा यात्रा केवल नावों का काफिला नहीं, बल्कि एकता, अखंडता और राष्ट्रप्रेम का सशक्त संदेश बनकर सामने आई। मां नर्मदा के तट पर धर्म और देशभक्ति का यह अनूठा संगम लोगों के लिए लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा।