मुरैना में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की कुशवाह समाज पर की गई टिप्पणी से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। भाजपा ने बयान को संदर्भ से जोड़कर सफाई दी, जबकि कांग्रेस और सामाजिक संगठनों ने इसे समाज का अपमान बताते हुए माफी की मांग की।
मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के एक बयान ने प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। मुरैना में भाजपा जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाह के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए तोमर ने कहा कि भाजपा हमेशा समाज के प्रति समर्पित रही है, लेकिन कुशवाह समाज बीच-बीच में इधर-उधर गुलाटी मारता रहा, इसलिए उसकी विश्वसनीयता खंडित हुई।
विज्ञापन
तोमर का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अपने संबोधन में उन्होंने भाजपा नेता कालीचरण का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा पार्टी के प्रति निष्ठा बनाए रखी, इसलिए उन्हें तीन बार विधायक बनने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि जो कार्यकर्ता संगठन के प्रति समर्पित रहता है, उसे जीवनभर सम्मान मिलता है और निधन के बाद भी उसकी पहचान बनी रहती है।
विज्ञापन
बयान पर विवाद बढ़ने के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाह ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष का आशय पूरे कुशवाह समाज से नहीं था, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं को संगठन के प्रति निष्ठा और समर्पण का संदेश देना था। उनके अनुसार, पार्टी में सम्मान और जिम्मेदारी उन्हीं कार्यकर्ताओं को मिलती है जो संगठन के प्रति ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करते हैं।
वहीं, कांग्रेस ने इस बयान को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। जौरा से पूर्व कांग्रेस विधायक सोनेराम कुशवाह ने कहा, "कुशवाह समाज के कुछ लोग भाजपा के दलाल हो सकते हैं, पूरा समाज नहीं। समाज को भाजपा से किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है।" इधर, अखंड भारत महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रामसिया कुशवाह ने भी तोमर के बयान की निंदा करते हुए इसे समाज की भावनाओं को आहत करने वाला बताया।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष विधानसभा अध्यक्ष के बयान पर स्पष्टीकरण और माफी की मांग कर रहा है, जबकि भाजपा का कहना है कि बयान को उसके संदर्भ में देखा जाना चाहिए। ऐसे में आने वाले दिनों में इस विवाद के और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।