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Muslims turned Hindu: 18 मुस्लिमों ने गोमूत्र से नहाकर अपनाया हिंदू धर्म, मोहम्मद बने रामसिंह तो शबनम बनीं सरस्वती

Fri, 10 Jun 2022 06:13 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम

सार

मामला रतलाम जिले के ग्राम आम्बा का है। गांव में महा शिवपुराण का आयोजन किया गया था। भीमनाथ मंदिर में गुरुवार को पूर्णाहुति हुई। इसी दौरान स्वामी आनंदगिरि महाराज के सान्निध्य में गांव के एक मुस्लिम परिवार और उनके रिश्तेदारों ने हिंदू धर्म अपनाया है। 
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रतलाम जिले में एक मुस्लिम परिवार के 18 लोगों ने हिंदू धर्म अपनाया है। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में एक मुस्लिम परिवार के 18 लोगों ने हिंदू धर्म अपनाया है। स्वामी आनंदगिरि महाराज के सान्निध्य में गोमूत्र से स्नानकर जनेऊ धारण किया। सभी ने शपथ-पत्र भी लिखकर दिया है। भगवा वस्त्र पहनकर सभी ने जयश्री राम, जय महाकाल और सनातन धर्म के जयघोष भी लगाए। सभी ने हिंदू नाम भी धारण किए हैं।
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जानकारी के अनुसार मामला रतलाम जिले के ग्राम आम्बा का है। गांव में महा शिवपुराण का आयोजन किया गया था। भीमनाथ मंदिर में गुरुवार को पूर्णाहुति हुई। इसी दौरान स्वामी आनंदगिरि महाराज के सान्निध्य में गांव के एक मुस्लिम परिवार और उनके रिश्तेदारों ने हिंदू धर्म अपनाया है। विधि-विधान से उन्हें हिंदू धर्म दिलवाया गया। इसके लिए बकायदा पुरुषों ने दाढ़ी भी कटवाई, सिर भी मुंडवाया। सभी को भीमनाथ मंदिर के पास बने कुंड में पूरे परिवार को गोबर, गोमूत्र से स्नान कराया। जनेऊ धारण कर भगवा वस्त्र पहनाकर जयश्री राम, जय महाकाल और सनातन धर्म के जयघोष के नारे भी लगवाए।

बता दें कि घूम-घूमकर जड़ी-बूटियां और ताबीज बेचने वाले 55 वर्षीय के मोहम्मद शाह ने महा शिवपुराण के दौरान ही स्वामी आनंदगिरि के पास जाकर परिवार और रिश्तेदारों के साथ धर्म परिवर्तन करने की इच्छा जताई थी। जिसे स्वामीजी ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। इसके बाद मोहम्मद शाह ने कानूनी रूप से शपथ पत्र भी बनवा लिए, जिसमें लिखा था कि वे बिना किसी दबाव के हिंदू धर्म अपना रहे हैं।
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मुस्लिम से हिंदू बने परिवार का कहना है कि वे दो-तीन पीढ़ी पहले हिंदू ही थे। - फोटो : सोशल मीडिया
मोहम्मद शाह ने बताया कि दो-तीन पीढ़ी पहले उनके परिजन बोदी समाज के होकर पुंगी बजाने का काम करते थे। इसके बाद रोजगार की तलाश में जुड़ी-बूटियां बेचने और ताबीज बनाने को लेकर इधर-उधर घूमने लगे और मुस्लिम धर्म अपना लिया था। पिछले कुछ समय से गांव में रहने के बाद से ही हिंदू धर्म में रुचि बढ़ने लगी थी। गांव में महा शिवपुराण कथा के दौरान स्वामी जी से धर्म परिवर्तन की बात कही। अब परिवार व रिश्तेदारों ने मिलकर धर्म परिवर्तन कर लिया है।

धर्म परिवर्तन के बाद मोहम्मद शाह का नाम राम सिंह, राम सिंह के बेटे मौसम शाह को अरुण, शाहरुख शाह को संजय सिंह, नजर अली शाह को राजेश सिंह, नवाब शाह को मुकेश सिंह, पत्नी शायर बी को शायरा बाई, शबनम को सरस्वती बाई, पोते हीरो को सावन सिंह का नाम दिया गया। हुसैन शाह को धर्मवीर सिंह, उनकी पत्नी आशा बी को आशा बाई, अरुण शाह को करण सिंह, पत्नी मीनू बी को मीना बाई, राजू शाह को राजू सिंह, पत्नी रंजिता को रंजिता बाई, रमजानी शाह को मुकेश सिंह, रूखसाना पत्नी हबीब खान को रुक्मणी बाई, अर्जुन शाह को अर्जुन सिंह, पत्नी मुमताज को माया के नाम से जाना जाएगा।

मध्यप्रदेश में 15 दिन के अंदर मुस्लिम से हिंदू बनने का दूसरा बड़ा मामला सामने आया है। इससे पहले मंदसौर में शेख जफर शेख पिता गुलाम मोइनुद्दीन शेख ने हिंदू धर्म अपनाया था। अब वे चेतन सिंह राजपूत के नाम से जाने जाते हैं। उनकी पत्नी पहले ही हिंदू धर्म से हैं। शेख जफर ने भगवान पशुपतिनाथ मंदिर प्रांगण में धर्म परिवर्तन किया था।
 
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