छिंदवाड़ा जिले के परासिया के चांदामेटा मार्ग पर एक हम्माल ने अपने साथी को पागल कहने पर दिन दहाड़े मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। वहीं हत्या करने के बाद आरोपी हम्माल चाकू लेकर थाने पहुंचा गया और सरेंडर किया।
पागल कहने पर की हत्या
घटना सोमवार की बताई जा रही है। मृतक की पहचान गाजनडोह निवासी चैतराम उर्फ छोटू पिता सुक्कु धुर्वे के रूप में हुई है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक मृतक और आरोपी दोनों ही पुलिस थाने के पास हमाली का काम करते थे। भट्टी मोहल्ला निवासी आरोपी बलराम उर्फ बाली नामदेव की मानसिक स्थिति कुछ ठीक नहीं थी। पहले वह चाय की दुकान में काम करता था। बाद में हमाली करने लगा। आरोपी हाथ में एक वजनदार कडा पहना रहता था। मृतक चैतराम ने सुबह बाली को पागल कहा था, जिसके बाद दोनों का झगड़ा हो गया।
हत्या के बाद किया आत्मसमर्पण
दोनों को झगड़ते देख आसपास के दुकानदारों ने दोनों को समझाया और वहां से भगा दिया। बाली गुस्से में चैतराम को थाने ले जाने लगा, लेकिन चैतराम ने उसे पटक दिया। तैश में आकर बाली ने अपने हाथ में पहने वजनी कडे से उसके सिर में वार किया, जिससे सिर फट गया। इसके बाद बाली ने पास रखे चाकू से उसके सीने के पास वार कर उसे मौत को घाट उतार दिया। बाली के तीन चार वार से चैतराम लहूलुहान हो गया। चैतराम को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। चैतराम की हत्या करने के बाद बाली खून से सना चाकू लेकर थाने पहुंचा और आत्म समर्पण कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद एसडीओपी टीआई घटनास्थल पर पहुंचे और घायल अवस्था में चैतराम को परासिया अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई। एसडीओपी अनिल शुक्ला, टीआई प्रतिक्षा मार्कों स्टाफ के साथ मौके पर पहुंची। उन्होंने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मौके मौजूद खून के सैंपल भी एकत्रित किए गए। दोपहर बाद एफएसएल की टीम भी जांच के लिए पहुंची। एफएसएल टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक बीते कुछ सालों से परासिया में रहता था। उसके परिवार से उसका संपर्क नहीं था। बच्चे नानी के पास रहते हैं। मृतक की भाभी कागजी कार्रवाई के लिए परासिया पहुंची। देर शाम पोस्टमार्टम कर शव परिजनों के सुपुर्द किया गया।