मध्य प्रदेश के ज्यादातर शहरों में अभी से तपिश महसूस की जाने लगी है। ज्यादातर शहरों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि राजस्थान से आने वाली गर्म हवाओं की वजह से 15 मार्च के बाद तापमान तेजी से बढ़ेगा। होली के बाद तो लू चलने लगेगी। आम तौर पर अप्रैल-मई में मध्य प्रदेश में यह स्थिति बनती है, जो इस साल मार्च में ही बन जाएगी।
मौसम विभाग के भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी जीडी मिश्रा ने कहा कि इस साल अप्रैल और मई में ज्यादा गर्मी पड़ेगी। यह पिछले वर्षों के मुकाबले अधिक होगी। रात का तापमान भी सामान्य और सामान्य से अधिक ही रहेगा। तापमान 15 मार्च से बढ़ने लगेगा, जब राजस्थान से गर्म हवाएं प्रदेश की ओर चलने लगेंगी। इन गर्मियों में लू पहले से अधिक मारक रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान भी ज्यादातर सामान्य से अधिक ही रहने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ का असर पूरे उत्तर-पश्चिमी इलाके में होगा, जिसमें मध्य प्रदेश भी शामिल है। इससे राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश भी हो सकती है।
खरगौन सबसे गर्म, खजुराहो-रीवा सबसे ठंडे
मध्य प्रदेश में बीते 24 घंटे में नर्मदापुरम और जबलपुर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज हुई। शेष संभागों में मौसम शुष्क बना रहा। शहडोल संभाग के जिलों में तापमान सामान्य से काफी अधिक रहा। प्रदेश में सबसे अधिक 36 डिग्री सेल्सियस तापमान खरगौन में दर्ज हुआ। वहीं, न्यूनतम तापमान की बात करें तो नर्मदापुरम संभाग के जिलों में सामान्य से अधिक न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। रीवा और खजुराहो में 11 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ, जो प्रदेश में सबसे कम था। भोपाल में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है।
पांच जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और नरसिंहपुर जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। यहां गरज के साथ बिजली चमकने का अनुमान लगाया गया है। इसी तरह डिंडोरी, अनूपपुर, बैतूल, खंडवा और रायसेन जिलों में बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें गिर सकती हैं। शेष जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा।