मानसून में देरी के चलते मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है। सोमवार को नौगांव और खजुराहो में 46 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने रीवा एवं सागर संभाग के जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक फिलहाल प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में बारिश के आसार नहीं है। प्रदेश के अधिकांश जिलों का मौसम शुष्क रहेगा। वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान के आसपास मौजूद है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। इस चक्रवात से लेकर नागालैंड तक एक ट्रफ लाइन भी बनी हुई है, लेकिन मौसम प्रणालियां कमजोर होने के कारण वातावरण में नमी नहीं आ रही है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों ने राज्य में तीन दिन बाद मौसम बदलने के आसार व्यक्त किया है।
मध्य प्रदेश में मानसून कब से शुरू होगा इसकी कोई निर्धारित तारीख नहीं बताई जा सकती परंतु एक अनुमान होता है कि केरल के तट से मध्य प्रदेश के मध्य तक आने में 15 दिन का समय लगता है। केरल के तट पर 1 जून से पहले मानसून के बादल पहुंच गए थे। इस हिसाब से 15 जून तक मध्य प्रदेश में आ जाना चाहिए था परंतु आसमान में बादलों को हवाओं का साथ नहीं मिल रहा है। उनकी स्पीड प्रभावित हो गई है। अनुमान है कि 20 जून तक मध्यप्रदेश में प्रवेश कर जाएंगे।
सोमवार को प्रदेश के शहरों के मौसम की बात करें तो हिल स्टेशन पचमढ़ी को छोड़कर अन्य हिस्सों में तापमान 40 डिग्री से ज्यादा दर्ज किया गया। भोपाल में अधिकतम तापमान 43.1, इंदौर में अधिकतम तापमान 40.7, ग्वालियर में 44.9, राजगढ़ में 44.1, बैतूल में 41.5, जबलपुर में 44.4, दमोह में 45.5, उमरिया में 45.0, सागर में 44.0, और पचमढ़ी में 37.5 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान की बात करें तो भोपाल में न्यूनतम तापमान 29.2, इंदौर में 26.0, ग्वालियर में 32.2, जबलपुर में 29.6, नौगांव में 25.8, छिंदवाड़ा में 27.0, उमरिया में 27.0 रहा।