मध्यप्रदेश में इस बार गुलाबी ठंड की विदाई फरवरी में ही हो गई है। जहां आमतौर पर फरवरी के अंत तक प्रदेश में लोगों को हल्की ठंड का अहसास होता था, इस साल वैसा नहीं हो रहा, बल्कि फरवरी में ही लोगों को पंखे चलाने की नौबत आ गई है। प्रदेश के लगभग सभी जिलों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। फरवरी माह में ही प्रदेश में मई-जून वाली तल्ख गर्मी का अहसास हो रहा है। दिन और रात दोनों का तापमान बढ़ रहा है, जहां दिन में तेज धूप अपने तेवर दिखा रही है तो वहीं रात में उमस के चलते लोगों को बैचेनी हो रही है। सोमवार को राजगढ़ जिला सबसे गर्म रहा, राजगढ़ में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया तो वहीं मलाजखंड में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल की रिपोर्ट के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में मौसम शुष्क रहा। न्यूनतम तापमान में सभी संभागों के तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं हुआ। राजगढ़, सिवनी, धार और नरसिंहपुर जिला सबसे ज्यादा गर्म रहा।
मौसम वैज्ञानिकों को मुताबिक अरब सागर में बने चक्रवात का असर प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है। चक्रवात की वजह से ही वातावरण और हवा से नमी गायब हो गई है। भोपाल में 10 दिन बाद पारा 34 डिग्री के पार पहुंच गया है। वहीं रात में 15 डिग्री के करीब तापमान चल रहा है।
कहां कितना रहा तापमान
प्रदेश के चार बड़े शहरों भोपाल में 34.4, इंदौर में 34.4, जबलपुर में 33 और ग्वालियर में 35.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। राजगढ़ में 37, दमोह में 36, छिंदवाड़ा में 34, खजुराहो में 34.2, मंडला में 32.8, नरसिंहपुर 28, नौगांव 34.5, रीवा में 32.2, सागर 34, सतना में 32.8, सिवनी में 35, सीधी में 32.6, उमरिया में 34.2, मलाजखंड में 30, बैतूल में 33.4, दतिया में 35.7, धार में 36. 3, गुना में 35, नर्मदापुरम 33.1, खंडवा में 35.1, खरगोन 35, पचमढ़ी 29.2, रायसेन 31, रतलाम 36.2, शिवपुरी 35 और उज्जैन में 34.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।