मध्य प्रदेश विधानसभा (फाइल फोटो)
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मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायकों के हंगामे के बीच पांच विधेयक दो मिनट में बिना बहस के पास हो गए। इनमें सबसे महत्वपूर्ण विधेयक मध्य प्रदेश लोक एवं निजी संपत्ति को नुकसान का निवारण एवं नुकसान की वसूली विधेयक 2021 है। इसके तहत रैली, प्रदर्शन, सांप्रदायिक दंगों के दौरान सरकारी या निजी संपत्ति को हुए नुकसान करने वाले पर एफआईआर होगी। साथ ही नुकसान के लिए उससे ही हर्जाना वसूला जाएगा, जो दोगुना तक हो सकता है।
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन गुरुवार को प्रश्नकाल शुरू होते ही हंगामा हो गया। पूरा प्रश्नकाल ही हंगामे की भेंट चढ़ गया। तीन बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। कांग्रेस ने पंचायत चुनावों में OBC आरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर सरकार पर एक्टिव न होने के आरोप लगाए। इस पर सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि सरकार ने OBC आरक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। इस मामले में अर्जेंट हियरिंग की मांग की जा रही है। कांग्रेस विधायक संतुष्ट नहीं हुए और गर्भगृह में जाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। हंगामे के बीच ही प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को जिन पांच विधेयकों को पारित किया गया, उनमें मध्य प्रदेश काष्ठ चिरान (संशोधन) विधेयक, भू-राजस्व संहिता ( संशोधन ) विधेयक, ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण संशोधन विधेयक, मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक और लोक एवं निजी संपत्ति को नुकसान निवारक व नुकसानी की वसूली विधेयक 2021 शामिल है।
मिश्रा का आरोप- पलायनवादी सोच है कांग्रेस की
विधेयकों के बिना बहस पास होने के मुद्दे पर डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की सदन में पलायनवादी सोच साफ तौर पर दिखी है। हर विषय की चर्चा से भागना, हंगामा करना, हल्ला करना उनकी आदत हो गई है। सुबह से हंगामा कर रहे हैं। जिस विषय पर स्थगन पर चर्चा हो चुकी हो, जिस विषय पर अध्यक्ष ने व्यवस्था दे दी हो, उस पर हल्ला करना समझ नहीं आया। ये विपक्ष की सोची-समझी रणनीति है। वे चर्चा से भागते हैं। हमारे महत्वपूर्ण विधेयक थे और बिना चर्चा के पास हो गए। विनियोग विधेयक पर चर्चा नहीं की और वह पास हो गया। प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण, शून्यकाल में चर्चा नहीं करते हैं। इतना अकर्मण्य विपक्ष, नाकारा विपक्ष आज तक नहीं देखा।