'अमर उजाला संवाद' कार्यक्रम में वाइस एडमिरल (सेवानिवृत्त) अजेंद्र बहादुर सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कई अहम बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन अन्य अभियानों से अलग था क्योंकि राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व की सोच बेहद स्पष्ट और रणनीतिक थी।
'अमर उजाला संवाद' कार्यक्रम में वाइस एडमिरल (सेवानिवृत्त) अजेंद्र बहादुर सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अहम बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन बाकी अभियानों से अलग और विशेष था क्योंकि इसमें राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व दोनों की सोच बिल्कुल स्पष्ट और रणनीतिक रूप से मजबूत थी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, "चाहे राजनीतिक नेतृत्व हो या सेना का, दोनों ओर से अनुभवी और दूरदर्शी निर्णय लिए गए। सरकार का सबसे बड़ा लाभ यह था कि वह लंबे समय से सत्ता में है और पिछले आतंकी हमलों से उसने बहुत कुछ सीखा है। इस अनुभव के चलते हर स्थिति के लिए पहले से ही ठोस योजना तैयार थी।"
'पाकिस्तान की प्रतिक्रिया का था पूरा अंदाजा'
वाइस एडमिरल सिंह ने बताया कि भारत को पूरी तरह से पता था कि पाकिस्तान किस तरह की प्रतिक्रिया देगा। इसलिए इस बार भारतीय सेना और सरकार दोनों ने मिलकर पूरी तैयारी की थी। “हमने हर स्तर पर मजबूती से जवाब दिया,” उन्होंने कहा।
विज्ञापन
'न्यूक्लियर धमकी का मिला करारा जवाब'
उन्होंने पाकिस्तान द्वारा बार बार दी जाने वाली न्यूक्लियर बम की धमकियों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, "न्यूक्लियर से जुड़ी बातें आम तौर पर अंडरकवर ही रखी जाती हैं, और ऐसा ही होना चाहिए। इन विषयों पर पब्लिक डिबेट से अनावश्यक एक्सपोजर होता है, जो उचित नहीं है।"
'सेना थी पूरी तरह अलर्ट'
वाइस एडमिरल ने बताया कि अप्रैल में सेना की एक विशेष ट्रेनिंग होती है, जिसके चलते इस बार हमारी फोर्स पूरी तरह अलर्ट और तैयार थी। "इस तैयारी का हमें सीधा फायदा भी मिला," उन्होंने कहा।