मध्य प्रदेश सरकार का वित्तीय वर्ष 2022-23 का बजट आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के रोडमैप पर तैयार किया गया है। इसमें मुख्य रूप से अधोसंरचना, सुशासन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था एवं रोजगार है। बजट में इन चारों पर मुख्य रूप से फोकस किया गया है।
मध्य प्रदेश सरकार का वित्तीय वर्ष 2022-23 का बजट आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के रोडमैप पर तैयार किया गया है। इसमें मुख्य रूप से अधोसंरचना, सुशासन, शिक्षा एवं स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था एवं रोजगार है। बजट में इन चारों पर मुख्य रूप से फोकस किया गया है।
सरकार का बजट ढाई लाख करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान है। बता दें इससे ज्यादा 2 लाख 53 हजार करोड़ का सरकार पर कर्ज है। बजट पेश करने के एक सप्ताह पहले ही सरकार ने 2 हजार करोड़ का कर्ज लिया है। इसके बावजूद यह बजट चुनावी होगी और इसमें कोई नया टैक्स नहीं होगा। बजट में किसानों, महिलाओं और युवाओं पर फोकस किया गया है। बेरोजगार को रोजगार के लिए स्वरोजगार की योजनाओं के लिए बजट में 200 करोड़ रुपए प्रावधान किया गया है। इसमें सरकार कम ब्याज पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ऋण उपलब्ध कराएंगी। बजट में सरकार किसानों के लिए विशेष घोषणा कर सकती है। साथ ही प्रदेश के करीब 70 लाख छोटे किसानों को कस्टमर हायरिंग स्कीम के तहत किराए पर ड्रोन उपलब्ध कराने की भी योजना है।
बाल बजट का नवाचार
आदर्श ग्राम में 200 नए गांव जुड़ेंगे
इसके अलावा बजट में सरकार इस बार आदर्श ग्राम योजना में 200 गांव को जोड़ने जा रही है। यहां पर विकास के लिएए बजट में अलग से प्रावधान किया जा जाएगा। साथ ही सरकार अमृत योजना फेस- 2 में 40 नगरीय निकाय को ले रही है। यहां पर विकास के लिए अलग से बजट में प्रावधान किया जा सकता है।
लाडली लक्ष्मी 2.0 का मसौदा तैयार
पंचायतों को एनओसी देने का अधिकार
सरकार ग्रामीण इलाकों में उद्योग एवं पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पंचायतों को एनओसी देने का अधिकार उपलब्ध कराएगी। इसके लिए अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव बजट सत्र में पेश किया जा सकता है। इसका उद्देश्य निवेश बढ़ा कर युवाओं के लिए योजगार के अवसर बढ़ाना है।
बजट में यह यह भी
सरकार ने गांव के विकास पर जोर दे रही है। इसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है। साथ ही बजट में नर्मदा एक्सप्रेस वे और चंबल एक्सप्रेस वे की जमीन अधिग्रहण करने के लिए भी प्रावधान किया गया है। इसके अलावा राम वन गमन पथ निर्माण न्यास गठित करने का ऐलान भी बजट में किया जा सकता है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में कुछ नए स्थल भी जोड़ जा सकते है।
स्वास्थ्य के बजट होगी बढ़ोतरी
15वें वित्त आयोग के वित्तीय वर्ष 2022-26 के लिए बनी रिपोर्ट में सभी राज्यों को सलाह दी है कि वे अपने सालाना बजट का 8 प्रतिशत स्वास्थ्य को दे। रिपोर्ट में कहा गया है कि हेल्थ सेक्टर पर खर्च को बढ़ाकर देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। इस बार सरकार स्वास्थ्य के बजट में बढ़ोतरी कर सकती है।