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एमपी रुद्राक्ष महोत्सव विवाद: नरोत्तम का पलटवार, बोले- अफवाह फैला रहे कमलनाथ, कांग्रेस बोली दोषी पर हो कार्रवाई

Wed, 02 Mar 2022 06:34 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कमलनाथ के बयान पर पटलवार कर कहा कि वह बिना तथ्य जाने अफवाह फैला रहे हैं। उधर कांग्रेसी प्रतिनिधि मंडल ने महाराज से आज मुलाकात की। कलेक्टर सीएम ठाकुर ने दबाव के आरोप को बेबुनियाद बताया है।
 
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सीहोर में पंडित प्रदीप मिश्रा से मिलने पहुंचा कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सीहोर में रुद्राक्ष महोत्सव मामले में सियासत जारी है। आज कांग्रेसी प्रतिनिधि मंडल ने महाराज से आज मुलाकात की। उधर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कमलनाथ के बयान पर पटलवार कर कहा कि वह बिना तथ्य जाने अफवाह फैला रहे हैं।  कलेक्टर सीएम ठाकुर ने भी दबाव के आरोप को बेबुनियाद बताया है।
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के प्रदेश सरकार पर पंडित प्रदीप मिश्रा के रुद्राक्ष महोत्सव को दबाव डालकर निरस्त कराने के आरोप पर बुधवार को गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि वर्तमान में पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा यथावत चल रही है। बंद नहीं की गई। सात दिवसीय शिव महापुराण व रुद्राक्ष महोत्सव में अधिक संख्या में भक्तों के पहुंचने के कारण रुद्राक्ष बांटने के कार्यक्रम में फेरबदल हुआ है। गृहमंत्री ने कहा कि महाराज जी से मंगलवार को मैंने बात की वे प्रशासन की व्यवस्था से संतुष्ट हैं। आगे जो भी आवश्यक व्यवस्था होगी सरकार पूर्ण करेगी। उन्होंने कमलनाथ का नाम लेकर कहा कि आपने धार्मिक कार्य में बिना तथ्य के जानकारी लिए भ्रम फैलाया है। हालांकि इस बयान के दूसरे मायने भी निकाले जा रहे हैं, इसके अनुसार मिश्रा का इशारा कैलाश विजयवर्गीय पर भी था। 
 
कांग्रेस बोली दोषी अधिकारियों पर हो कार्रवाई
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश पर कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार को सीहोर में प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा से मुलाकात की। इस मामले में कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने कहा कि सीहोर के पवित्र आश्रम में बैठकर भगवान शिव से प्रार्थना की कि वे मध्य प्रदेश में शासन हड़प कर सरकार चला रहे लोगों को सद्बुद्धि दें। उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ जब किसी विद्वान प्रवचनकार के द्वारा व्यास पीठ पर आंसू बहाते हुए अपने आयोजन को निरस्त करने का ऐलान किया गया। शुक्ला ने कहा कि शासन की व्यवस्था संभालने में नाकामी के चलते हजारों शिव भक्तों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस की तरफ से दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई। प्रतिनिधि मंडल में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, पूर्व विधायक रमेश सक्सेना, जिला अध्यक्ष बलबीर सिंह तोमर, पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल, विशाल पटेल, मनोज चावला शामिल थे।
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क्या बोले थे विजयवर्गीय
बता दें कि मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई करने की मांग की थी। साथ ही विजयवर्गीय ने सीएम से कहा कि 17 साल से आप इस प्रांत के मुखिया हैं। आखिर ऐसी कौन सी विपदा आ गई थी कि पंडित प्रदीप मिश्रा पर इतना दबाव बनाया गया कि उन्हें भारी मन से कथा को समाप्त करना पड़ा।

उमा भारती ने भी दोषियों पर कार्रवाई की मांग की 
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि वे इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से चर्चा करेंगी और पूछेंगी कि प्रशासन को अनुमान नहीं था। जब कार्यक्रम में पहले से तय था तो प्रशासन क्यों अंदाज नहीं लगा पाया कि कितने लोग आने वाले हैं। कहां चुक हुई। जिसके कारण लोगों को कष्ट हुआ। इसका निराकरण होना चाहिए। भारती ने कहा कि इस मामले में पता करने की जरूरत है कि अनुमान किसका गड़बड़ाया। इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। 

विधायक नारायण ने भी सीएम को लिखा पत्र 
सतना से विधायक नारायण त्रिपाठी ने भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मांग की है कि जन भावनाओं का सम्मान करते हुए निकृष्ट जिला प्रशासन सीहोर पर अविलंब कठोर कार्रवाई सुनिश्चित कर संदेश देने का कार्य करें। जिससे प्रदेश में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति ना हो सके।
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