23 विधायकों के इस्तीफे स्वीकार
विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति का कहना है कि विधायकों ने खुद इस्तीफा दिया है। मेरे ऊपर लगाए गए आरोप गलत हैं। मैंने निष्पक्ष होकर काम किया है। दुखी मन से विधायकों के इस्तीफे स्वीकर किए है। मुझे इस्तीफों पर अधिकार लेने का अधिकार है। वहीं भाजपा विधायक शरद कौल का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है।
हम विधानसभा में साबित करेंगे बहुमत
मध्यप्रदेश के मंत्री पीसी शर्मा ने कहा, 'इस बार भाजपा ने खरीद फरोख्त नहीं की बल्कि बहुत बड़ी सेंध लगाई है। हम बहुमत साबित कर देंगे। हमारे पास पांचवा फॉर्मूला है। इसके बारे में दोपहर 12 बजे खुलासा होगा। यह बताया जाएगा कि कैसे 16 विधायकों को बंधक बनाकर रखा गया था।'
दिग्विजय ने स्वीकारी हार
दिग्विजय सिंह ने स्वीकार कर लिया है कि अब उनकी सरकार सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि पैसे और सत्ता के दम पर बहुमत वाली सरकार को अल्पमत में लाया गया है।
सिंधिया को बनाया जा सकता है ऊर्जा मंत्री
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले ज्योतिरादित्य को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री बनाया जा सकता है। तीन अप्रैल को संसद का बजट सत्र समाप्त होने के बाद मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार हो सकता है।
16 बागी विधायकों के इस्तीफे मंजूर
मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने गुरुवार देर रात कांग्रेस के 16 बागी विधायकों के इस्तीफे मंजूर कर लिए। इन सभी विधायकों ने छह अन्य विधायकों के साथ 10 मार्च को अपना इस्तीफा दिया था लेकिन प्रजापति ने इनके इस्तीफों पर कोई फैसला नहीं लिया था। हालांकि उन्होंने छह अन्य के इस्तीफे मंजूर कर लिए थे। ये सभी 16 विधायक अभी बंगलूरू में ठहरे हुए हैं।
कमलनाथ का इस्तीफा