मध्य प्रदेश व्यापमं घोटाले में सीबीआई ने गुरुवार को विशेष अदालत के सामने पीएमटी-2013 के घोटाले की नई चार्जशीट दाखिल की। इसमें तीन मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर समेत 81 नए आरोपी बनाए गए हैं। आरोपियों ने एमबीबीएस की स्टेट कोटे की काउंसलिंग बंद कर स्टेट कोटे की सीटें 20 से 50 लाख में अपात्रों को बेच दी थीं।
विशेष न्यायाधीश नीतिराज सिंह सिसोदिया के समक्ष कोट में पेश चालान में आरोपियों में चिरायु मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन अजय गोयल, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज के चयरमैन एसएन विजयवर्गीय, इंदौर के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन सुरेश भदौरिया, तत्कालीन डीएमई एससी तिवारी, संयुक्त संचालक एनएम श्रीवास्तव, व्यापमं के एग्जाम कंट्रोलर पंकज त्रिवेदी के नाम शामिल हैं। सुनवाई 22 फरवरी से 12 मार्च तक चलेगी।
इंजन-बोगी सिस्टम बनाया
सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक सतीश दिनकर ने बताया कि डीएमई के अधिकारियों ने काउंसलिंग की मॉनीटरिंग में लापरवाही की। वहीं, व्यापमं के अधिकारियों ने इंजन और बोगी का सिस्टम बनाया था। इसमें सॉल्वर को इंजन बनाया गया और कैंडिडेट को बोगी बनाया गया। परीक्षा की बैठक में हेरफेर कर सॉल्वर और कैंडिडेट को आगे-पीछे बैठाया जाता था। जहां सॉल्वर कैंडिडेट को नकल कराते थे।
सतीन दिनकर ने बताया कि सीबीआई ने 29 नए सॉल्वर यानी इंजन को पकड़ा है। इससे पहले 17 सॉल्वर को पकड़ा गया था। वहीं, 26 नए नकल करने वाले कैंडिडेट यानी बोगी को पकड़ा गया। इसके साथ ही इनकी संख्या बढ़कर अब 56 हो गई है।