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MP News: दमोह के विरगोदय जैन तीर्थ में स्थापित प्रतिमाओं से निकल रहा है पानी, लोग मान रहे हैं चमत्कार

Sun, 12 Mar 2023 07:09 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

सार

दमोह जिले के पथरिया में बनाए गए विरागोदय जैन तीर्थ में पंच कल्याणक महोत्सव में स्थापित प्रतिमाओं से पानी रिस रहा है। प्रतिमाओं से निकलने वाले पानी को लोग चमत्कार मान रहे हैं। वहीं जैन संत भी धार्मिक आस्था से जुड़े इस घटनाक्रम पर अपनी मुहर लगा रहे हैं।
 
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दमोह के जैन तीर्थ में प्रतिमाओं में पानी निकल रहा है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दमोह जिले के पथरिया में बनाए गए विरागोदय जैन तीर्थ में पंच कल्याणक महोत्सव में स्थापित प्रतिमाओं से पानी रिस रहा है। प्रतिमाओं से निकलने वाले पानी को लोग चमत्कार मान रहे हैं। वहीं जैन संत भी धार्मिक आस्था से जुड़े इस घटनाक्रम पर अपनी मुहर लगा रहे हैं।

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विरागोदय तीर्थ में जैन तीर्थंकरों की प्रतिमाएं स्थापित की गई है। एक फरवरी से शुरू हुए पंच कल्याणक  महोत्सव के साथ इन सभी प्रतिमाओं को सिंहासन पर स्थापित किया गया था। इस धार्मिक आयोजन को संपन्न कराने के लिए देश भर से सैकड़ों संत यहां पहुंचे थे। उसके बाद विधि-विधान से प्रतिमाओं की स्थापना की गई थी। एक सप्ताह पहले अचानक ही किसी भक्त ने प्रतिमाओं से पानी का रिसाव देखा। गौर से देखा तो मंदिर की कई प्रतिमाओं से इस तरह पानी का रिसाव हो रहा है। यह बात जैन मुनियों तक पहुंची। धीरे-धीरे यह खबर हर जगह फैली। धार्मिक आस्था से जुड़े लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं। 

आचार्य विराग सागर भी मान रहे चमत्कार
पथरिया का विरागोदय तीर्थ पथरिया में जन्में जैन संत आचार्य विराग सागर महाराज के नाम पर बना है। विराग सागर महाराज का कहना है कि श्रद्धा और भक्ति जब लोगों में रहती है और उसके आधार पर कोई काम होता है, तो वह अपने आप में चमत्कार जैसा होता है। आचार्य विराग सागर महाराज इस तीर्थ के और भी कई चमत्कारों की चर्चा करते हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद मंदिर का माली प्रतिमा को छू रहा था। अचानक दो लड़के पहुंचे, जिन्होंने माली से कहा कि अब तुम प्रतिमाओं को स्पर्श नहीं कर सकते। माली ने कहा मैं तो भगवान का भक्त हूं मैं तो स्पर्श करूंगा। माली प्रतिमाओं का पाद प्रक्षालन करने लगा तो फिर से आवाज आई। जब माली ने पीछे मुड़कर देखा, तो दोनों लड़के अदृश्य थे। आचार्यश्री का कहना है कि प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान देवों का आव्हान करते हैं इसलिए उनकी मौजूदगी संभव है।
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प्रतिमाओं से पानी निकलना ही चमत्कार है 
विरागोदय तीर्थ कमेटी के अध्यक्ष विपिन चौधरी भी इस घटना को चमत्कार मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर में प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए देशभर से संत पहुंचे थे। धार्मिक विधि-विधान से प्रतिमाएं स्थापित की गई है। मंदिर की ऊंचाई और जहां पर प्रतिमाओं की स्थापना की गई है, वहां पानी पहुंच सके ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। अचानक प्रतिमाओं से पानी का रिसाव चमत्कार ही है। 

गुरु के नाम पर बने तीर्थ में गुरुकुल, आश्रम और अस्पताल बनेंगे
विनिश्चय सागर महाराज के गुरु विराग सागर महाराज के सम्मान में बने विशाल विरागोदय तीर्थ में आश्रम, स्कूल, अस्पताल और गुरुकुल रहेगा। चार एकड़ में बन रहा यह धार्मिक स्थल अपने आप में ही भव्य है। कमल आकार में बना तीर्थ देखने में भी बहुत सुंदर है। यहां पर भगवान धर्मनाथ की प्रतिमा स्थापित की गई है। 

वाष्पीकरण के कारण निकल रहा पानी
दमोह के रानी दमयंती संग्रहालय के विशेषज्ञ सुरेंद्र चौरसिया का कहना है कि प्रतिमाओं से पानी निकलने का वैज्ञानिक कारण वाष्पीकरण हो सकता है। प्रतिमाओं को बनाने के बाद उनमें पॉलिश किया जाता है, जिस कारण से मौसम परिवर्तन में गर्मी शुरू होते ही पानी वाष्पीकरण के माध्यम से बाहर निकलने लगता है। यही एक कारण हो सकता है।

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