भोपाल सेंट्रल जेल के अधिकारियों का कहना है कि खामरा जहां बंद है, विचाराधीन कैदी अधिकतर समय धार्मिंक किताबें पढ़ता रहता है। हाल ही में सागर और भोपाल में एक किशोर शिवप्रसाद धुर्वें द्वारा कथित तौर पर चार सुरक्षा गार्डों की चौंकाने वाली हत्या ने सीरियल किलर आदेश खामरा की यादें ताजा कर दीं। आदेश खामरा के कारनामे सुनकर अब भी लोग सहम जाते हैं। भोपाल के पास मण्डीदीप में दिन में कपड़े सिलने और रात के अंधेरे में खून बहाने वाला यह अपराधी सलाखों के पीछे है। 2018 में गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में 30 से ज्यादा हत्याएं करना कबूल किया था। इनमें अधिकतर मृतक ट्रक चालक थे।
सेंट्रल जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने खामरा के व्यवहार में आए परिवर्तन के बारे में बताया कि वह पढ़ा-लिखा था। इसलिए अब ज्यादातर समय धार्मिक और प्रेरक किताबों को पढ़ने में बिताता है। उसे हत्या के आरोप में बंद कैदियों के साथ रखा है। ऐसे कैदी जेल अधिकारियों की निगरानी में रहते हैं। खामरा जेल के नियमों और कानूनों का ईमानदारी से पालन कर रहा है। हाल ही में एक मामले में खमरा को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। अधिकारी ने बताया कि खामरा की पत्नी और बेटा कभी-कभी उससे मिलने जेल आते हैं।
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आदेश खामरा ने 33 हत्याएं की थीं (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
आसान नहीं था खामरा को पकड़ना
भोपाल से 20 किमी दूर मंडीदीप में दर्जी का काम करने वाले आदेश खामरा को पकड़ना पुलिस के लिए आसान नहीं था। भोपाल के बाहरी इलाके बिलखिरिया में एक ट्रक चालक की लूट और हत्या का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस को खामरा के बारे में सुराग मिले थे।
16-17 घंटे पीछा कर दबोचा
भोपाल में पदस्थ सहायक पुलिस आयुक्त और तत्कालीन सीएसपी बिट्टू शर्मा ने बताया कि उत्तरप्रदेश के सुल्तानगंज में लूटे ट्रक का हमने पीछा किया था, लेकिन जब हम पहुंचे वह मंडीदीप के लिए निकल चुका था। पुलिस टीम ने 16-17 घंटे तक उसका पीछा करके उसे दबोचा था।
पूछताछ में कबूली सीरियल किलिंग
पुलिस ने जब आदेश खामरा को पकड़ा तब उन्हें इस बात का अंदेशा नहीं था कि वह सीरियल किलिंग में शामिल है। लेकिन उसने पूछताछ में 30 से ज्यादा हत्या का खुलासा हुआ। आदेश की बताई घटनाओं की दूसरे राज्यों की पुलिस से बातचीत करने पर पुष्टि हुई।
आदेश खामरा ट्रक ड्राइवरों को शिकार बनाता था।
- फोटो : सोशल मीडिया
ऐसे बना खूंखार अपराधी
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आदेश खामरा हत्या के प्रयास मामले में जेल गया था। जहां उसकी मुलाकात एक अन्य अपराधी परमजीत से हुई। उसने खामरा को ट्रकों को लूटकर और उनमें ले जाए जा रहे सामान को वाहनों के साथ बेचकर आसान तरीके से पैसा कमाने का रास्ता दिखाया। इसके बाद उसने ट्रक चालकों की हत्या कर उनको लूटना शुरू किया।
ऐसे देता था वारदात को अंजाम
आदेश खामरा अपने साथियों के साथ ट्रक में बैठने के लिए ड्राइवरों को कहानी सुनाता था और उनको घर जल्दी पहुंचने की तत्परता दिखाता था। इसके बाद ड्राइवर और उनके साथियों को नशीला पदार्थ मिली मिठाई की पेशकश करता था। इसके बाद उनका गला घोटकर मार देता था और सुनसान जगहों पर शवों को फेंक देता था। इसके बाद सामान के साथ ट्रक लेकर फरार हो जाता था। बाजार में सामान बेचने के साथ ही कई बार ट्रक का लुक बदलकर उसके पुर्जे भी बेचते थे।