मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में एक साल का समय बचा है। इससे पहले ही बीजेपी चुनाव को लेकर गंभीर हो गई है। मंगलवार को सवा महीने बाद बीजेपी प्रदेश कोर कमेटी की बैठक हुई। कोर कमेटी की बैठक में कई संभागों के प्रभारी बदल दिए गए।
बीजेपी की कोर कमेटी की बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई है। बैठक में संगठन में बदलाव को लेकर भी चर्चा हुई। इसमें युवा मतदाताओं तक पहुंचने का लक्ष्य तय किया गया। साथ ही गरीब कल्याण की राज्य और केंद्र की योजनाओं को नीचे तक कार्यकर्ताओं को लेकर जाने के निर्देश दिए गए। साथ ही आगामी चुनाव में 10 प्रतिशत वोट बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक में वरिष्ठ नेताओं ने आगामी कार्यक्रमों और फीडबैक पर चर्चा हुई।
बैठक में नए संभाग प्रभारियों के कामकाज की भी चर्चा हुई। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि नौ नवंबर से मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम शुरू हो रहा है। उसमें कार्यकर्ता जुटेंगे। संगठन के काम की दृष्टि से कविता पाटीदार अब जबलपुर की प्रभारी होंगी। कांतिदेव सिंह अब भोपाल के प्रभारी होंगे। हरिशंकर खटीक चंबल-ग्वालियर के प्रभारी होंगे, अलोक शर्मा उज्जैन के प्रभारी, शरदेंदु शहडोल के प्रभारी होंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय,राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा बैठक में शामिल हुए।
राहुल की यात्रा पर भी हुई चर्चा
बैठक में राहुल गांधी की यात्रा को लेकर भी चर्चा हुई। इसमें राहुल गांधी की यात्रा के मध्यप्रदेश में रहने के दौरान मालवा-निमाड़ के नेताओं को कांग्रेस पर आक्रामक रहने को बोला गया है। बैठक में 15 नवंबर को बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में बड़े स्तर पर मनाने का निर्णय लिया गया।
क्या चौधरी की नियुक्ति से नाराज हुए सिंधिया
बैठक के शुरू होने पर ज्योतिरादित्य सिंधिया के जल्दी निकल जाने को लेकर कई चर्चाएं शुरू हो गई। बीजेपी की तरफ से उन्हें बुखार होने की वजह से जाने की बात कही गई। हालांकि,चर्चा यह है कि उन्होंने ग्वालियर जिला अध्यक्ष अभय चौधरी को लेकर नाराजगी जताई है। इसे लेकर वह संगठन के नेताओं के सामने बात भी रख चुके है। अभय चौधरी को नरेंद्र सिंह तोमर गुट का माना जाता है।