राजधानी भोपाल के बिलाबॉन्ग स्कूल की साढ़े तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि घटना को चिह्नित अपराध की श्रेणी में लिया गया है। भोपाल की एक स्कूल बस में हुई घटना को गंभीरता से लिया गया है। उक्त प्रकरण में अपराधियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। दुष्कर्म की इस घटना को चिन्हित अपराध की श्रेणी में लिया गया है, जिससे प्रकरण की सुनवाई जल्द से जल्द हो सकें। इस मामले में कठोर से कठोर सजा दिलाने की कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित की जा सके।
जांच कमेटी गठित
स्कूल शिक्षा एवं सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार ने जांच कमेटी का गठन कर दिया है। इसमें अपर संचालक राजीव सिंह तोमर, जिला शिक्षा अधिकारी नितिन सक्सेना, सहायक संचालक कनक प्रसाद शामिल है। यह कमेटी घटना में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही, पालक शिक्षक संघ/ पालकों द्वारा तत्संबंधी पूर्व शिकायतों पर स्कूल प्रबंधन द्वारा की गई कार्रवाई, परिवहन नियमों एवं निर्देशों के अंतर्गत विद्यालयीन बसों के संचालन तथा अन्य सभी प्रासंगिक बिंदुओं पर जांच कर प्रतिवेदन स्कूल शिक्षा विभाग को देगी।
कांग्रेस ने मंत्री को भेजी डॉल
इस घटना के विरोध में और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करते हुए कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। कांग्रेस नेताओं ने गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा, स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार को डॉल भेजी है। साथ ही उन्होंने घटना के विरोध में पालकों से भी डॉल खरीदकर बीजेपी सरकार के मंत्रियों को भेजने की अपील की है।
यह है मामला
साढ़े तीन साल की मासूम से रातीबड़ के बिलाबॉन्ग स्कूल के एक बस ड्राइवर पर दुष्कर्म करने का आरोप है। घटना आठ सितंबर की है। बच्ची के प्राइवेट पार्ट में खरोंच के निशान मिलने के बाद परिजनों ने स्कूल प्रबंधन को शिकायत की थी। स्कूल प्रबंधन आरोपों पर लीपापोती करता रहा। इसके बाद परिजनों ने पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी। इसके बाद महिला थाने ने पॉक्सो में केस दर्ज कर ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया। खास बात यह है कि बस में महिलाकर्मी भी थी। उसने आरोपी को नहीं रोका। इसके बाद पुलिस ने उसे भी सह-आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया।