राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भोपाल में फिर छापेमारी की है। इस बार जमात-उल-मुजाहिदीन (जेएमबी) के संदिग्ध आतंकवादियों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ जारी है। यह एक महीने में दूसरा मौका है जब एनआईए ने भोपाल या उसके आसपास संदिग्ध आतंकियों की धरपकड़ की है। पिछली बार रायसेन से दो युवकों को पकड़ा था, जिन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था।
एनआईए ने दोनों आतंकियों को ईटखेड़ी इलाके से पकड़ा है। आरोपियों के नाम हमीदुल्ला उर्फ राजू गाजी और मोहम्मद सहादत हुसैन है। दोनों मूल रूप से बांग्लोदश के रहने वाले है। दोनों पर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विभिन्न समूहों में ऑनलाइन घृणित और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करके जेहाद के प्रचार-प्रसार में शामिल होने के सबूत मिले हैं। यह आरोपी बांग्लोदश और भारत में अपने सहयोगियों से बात करने के लिए एन्क्रिप्टेड ऐप का इस्तेमाल करते थे। आरोपी इससे पहले भोपाल के ऐशबाग में गिरफ्तार जमात-ए-मुजाहिदीन से जुड़े आतंकियों के करीबी और सहयोगी हैं। इससे पहले मध्यप्रदेश एसटीएफ भोपाल ने 14 मार्च 2022 को केस दर्ज कर ऐशबाग से संदिग्ध आतंकियों को पकड़ा था। इसके बाद 5 अप्रैल को एनआईए ने केस अपने हाथ में लेकर दोबारा एफआईआर दर्ज की थी। इस केस में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसमें तीन बांग्लोदशी थे। अभी तक की जांच में सामने आया है कि यह आतंकी जेएमबी की विचारधारा का प्रचार करने और युवाओं को भारत के खिलाफ जेहाद करने के लिए प्रेरित करने में शामिल पाए गए हैं।
पिछले हफ्ते भी हुई थी धरपकड़
एनआईए की नई दिल्ली की टीम ने पिछले हफ्ते आईएसआईएस के दो संदिग्धों को हिरासत में लिया था। रायसेन और सिलवानी में छापे मारे थे। दावा किया था कि कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी बरामत हुई है। शाहजहांनाबाद इलाके से मदरसे में पढ़ाने वाले 24 वर्षीय जुबैर मंसूरी को हिरासत में लिया था। वहीं, गांधीनगर के अब्बास नगर से हाफिज अनस को गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था।
पकड़े आतंकी मार्च से थे रडार पर
गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भोपाल में पकड़े संदिग्ध आतंकियों पर कहा कि मध्य प्रदेश में किसी स्लीपर सेल को स्लीपिंग करने की जरूरत नहीं है कोई और देश देखे। मिश्रा ने कहा कि प्रदेश की पुलिस और अन्य एजेंसियों का केंद्रीय एजेंसियों के साथ बहुत बढ़िया सामजस्य है। पकड़े गए दोनों आतंकी मार्च से पुलिस के रडार पर थे। इनके पास से राष्ट्र विरोधी आपत्तिजनक सामग्री मिली है।