पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कांग्रेस नेता अरुणोदय चौबे के पार्टी छोड़कर जाने पर कहा, किसी को कांग्रेस छोड़कर जाना है तो जाए। मैं किसी को रोकूंगा नहीं। जरूरत पड़ी तो अपनी गाड़ी भी दे दूंगा। पूर्व सीएम ने कहा, उन्होंने पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव में पार्टी विरोधी काम किया। हम उनको निष्कासित करने की तैयारी कर रहे थे और उन पर कई प्रकरण दर्ज हैं।
कमलनाथ ने कहा, बीजेपी दबाव की राजनीति कर रही है। वह अपने आप को बचाना चाह रहे हैं। कांग्रेस में आज जो भी हैं, वह अपनी निष्ठा से हैं। बगैर किसी दबाव के हैं। आज हमारे लोगों पर झूठे केस लगाए जा रहे हैं, दबाव प्रभाव की राजनीति की जा रही है। प्रदेश प्रतिनिधियों के चयन को लेकर सवाल उठाने पर कमलनाथ ने कहा, मैं किसी को खुश करने के लिए कोई काम नहीं करता हूं। हम आज जो भी निर्णय ले रहे हैं। वह कांग्रेस के हित में ले रहे हैं।
बीजेपी का फोकस आदिवासियों को बांटने पर
कमलनाथ ने कहा कि आज बीजेपी सरकार का फोकस आदिवासी समाज को बांटने का है। कभी धर्म के नाम पर, कभी जाति के नाम पर। वह एक नहीं रहे, यह आज बीजेपी का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की जो उपजातियां हैं, उनके कई संगठन हैं। उनको यह पैसा और प्रलोभन देकर समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। बीजेपी सिर्फ आदिवासियों के नाम पर इवेंट करती है। सम्मेलन करती है और अधिकारियों को भीड़ बुलाने का टारगेट देती है।
इस सरकार में अत्याचार करने की छूट
कमलनाथ ने कहा, आज प्रदेश में भ्रष्टाचार की बात करें, कुपोषण की बात करें, कार्रवाई की बात करें। हर बात में इनकी सच्चाई सामने आ रही है। इस सरकार में अत्याचार पर छूट है। भ्रष्टाचार पर छूट है। यह जान चुके हैं कि इनके आखिरी 12-13 महीने बचे है, जितना लूट सको लूट लो।
कुपोषण की जगह चीता छोड़ रहे
कमलनाथ ने कहा कि आज श्योपुर जिले में सबसे ज्यादा कुपोषण है। यह कुपोषण मिटाने की जगह वहां चीता छोड़ रहे हैं। जबकि वहां पर गिर से शेर आने थे। यह ध्यान भटाकाने के लिए कुछ भी करते हैं। बेरोजगारी, महंगाई पर बात नहीं करेंगे। प्रदेश में मासूम बच्चियों से लेकर कोई सुरक्षित नहीं है। यह लोग जरूरी मुद्दे पर गुमराह करने का काम कर रहे हैं।
कांग्रेस हित में ले रहे निर्णय
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी जेपी अग्रवाल के दौरे को लेकर पूछे सवाल पर कमलनाथ ने कहा कि मैंने ही उनको जिलों का दौरा करने को कहा था। जेपी अग्रवाल की बात कार्यकर्ताओं में उत्साह भरना, मिशन 2023 की तैयारी करना है। जो कार्यकर्ता घर बैठे हैं, उनको घर से बाहर निकालना है।