विधानसभा चुनाव में छिंदवाड़ा की सभी सीटें जिताने पर जनता का आभार मानने पहुंचे कमलनाथ।
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मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों की खुमारी अभी ठीक से उतरी भी नहीं है कि दोनों दल लोकसभा चुनावों की तैयारी में लग गए हैं। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान जहां हारी हुई सीटों पर पहुंच रहे हैं तो वहीं कमलनाथ अपने गढ़ छिंदवाड़ा में जीत के बाद जनता का आभार मानने पहुंच रहे हैं। नकुलनाथ जनता से लोकसभा के लिए भी आशीर्वाद मांगने लगे हैं।
बता दें कि प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ बुधवार को सौसर और पांढुर्णा पहुंचे, जहां उन्होंने कार्यकर्ताओं के बीच भावुकता के साथ एक नया बयान दिया। उन्होंने कहा कि आखरी सांस तक वे छिंदवाड़ा की जनता के साथ खड़े हैं। कमलनाथ ने कहा कि जिस तरह से प्यार और विश्वास उन्हें छिंदवाड़ा से मिला है, आगे भी ऐसे ही प्यार उन्हें मिलता रहेगा। दरअसल छिंदवाड़ा की सातों विधानसभा सीट में कमलनाथ और सांसद नकुलनाथ जनता का आभार व्यक्त करने के लिए पहुंच रहे हैं। बुधवार को सौसर और पांढुर्णा में दोनों ने जनसभा को संबोधित किया।
कमलनाथ ने माना आभार
कमलनाथ ने सौंसर में आयोजित धन्यवाद सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि 44 साल पहले मेरे राजनीतिक जीवन की शुरुआत सौंसर से ही हुई थी। तब से हमारे अटूट संबंध हैं और यह संबंध चुनावी नहीं हैं। आपने मुझे भरपूर प्यार, बल और शक्ति दी, आपकी इसी ताकत ने मुझे हमेशा कुछ नया करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि-चुनाव परिणामों के बाद अब भाजपा फिर से बड़ी-बड़ी बातें करेगी। अब हमें देखना है कि बिजली का बिल कितना आएगा, फसलों के क्या भाव मिलेंगे और किसानों के साथ कितना न्याय होगा और मध्य प्रदेश में कितना निवेश आएगा।
लोकसभा चुनाव में दिखाना जोश और जुनून
सांसद नकुलनाथ ने कहा कि मैं कांग्रेस के प्रत्येक कार्यकर्ता का दिल से आभार मानता हूं, जिनकी मेहनत रंग लाई और हम सातों की सात सीट जीते। उन्होंने सौंसर में अपने प्रचार अभियान को लेकर कहा कि मैंने पूर्व में ही विजय चौरे जी से कहा था कि विजय की विजय निश्चित है और आज फिर से विधायक सौंसर से हैं। सांसद और प्रदेश अध्यक्ष भी सौंसर के वोटर हैं। उन्होंने आगे कहा कि अब तीन माह बाद लोकसभा के चुनाव हैं और हमें इसी जोश और जुनून के साथ लोकसभा में जीत हासिल कर छिन्दवाड़ा और सौंसर का झण्डा दिल्ली में लहराना है।
छिंदवाड़ा ने बताया असली अग्नि परीक्षा बाकी
पांढुर्ना में कमलनाथ ने कहा कि जीत का यह इतिहास बरसों बरस तक याद रखा जाएगा। परन्तु अब आने वाले समय में हमारी असली अग्नि परीक्षा है, जिसके लिए हमें अभी से तैयार होना होगा। उन्होंने कहा कि मुझे अभी भी सर्वाधिक चिंता युवाओं की है कि इनका भविष्य क्या होगा, क्योंकि हमारे युवा ही पांढुर्ना-छिन्दवाड़ा और प्रदेश का भविष्य हैं।