मध्य प्रदेश विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र मंगलवार से प्रारंभ होगा। इसमें अनुपूरक बजट पेश होगा। सत्र की तैयारियों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने सोमवार को सर्वदलीय बैठक की। मध्य प्रदेश के मानसून सत्र में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 15 सितंबर को वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए ढाई हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेंगे। सोमवार को बुलाई सर्वदलीय बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष ने सत्र के सुचारू संचालन में सहयोग का आश्वासन दिया। पांच दिवसीय सत्र के लिए विधानसभा सदस्यों ने 1516 प्रश्न पूछे हैं। 18 स्थगन, 216 ध्यानाकर्षण और अशासकीय संकल्प की सूचनाएं विधानसभा सचिवालय को मिली है।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग महापौर का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने, वाणिज्यिक कर विभाग भारतीय स्टांप ड्यूटी (मध्य प्रदेश संशोधन), वैट संशोधन विधेयक प्रस्तुत करेगा। सर्वदलीय बैठक के बाद गृह एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि विपक्ष चर्चा करें। हंगामा ना करें। हम हर बात का जवाब देंगे। नियम प्रक्रिया के अंतर्गत जो भी सवाल आएगा, उसका जवाब देंगे। लेकिन यह सही नहीं है कि वह हमारी हर जवाब से खुश हो। पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। किसी प्रकार की कोई वजह नहीं है, इसलिए वह लाचार है। विधानसभा ऐसे चल रही है जैसे विपक्ष है ही नहीं। कांग्रेस की रणनीति पर भार्गव बोले कि 20 साल से रणनीति बना रहे है। कुछ नहीं होने वाला है।
कांग्रेस का आरोप- मुद्दों पर चर्चा से बच रही है सरकार
कांग्रेस विधायक और प्रदेश के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि शिवराज सरकार संक्षिप्त सत्र रखकर बेरोजगारी और महंगाई जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा से बचना चाहती है। इस बात की भी आशंका है कि सत्र को दो दिन में ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया जाए। विधानसभा के पांच दिवसीय मानसून सत्र के चलते विधानसभा भवन के आसपास धारा 144 लागू कर दी गई। इस संबंध में पुलिस कमिश्नर ने आदेश जारी कर दिए। 13 से 17 सितंबर तक विधानसभा के आसपास संगठनों और राजनीतिक दलों के जुलूस, रैली, धरना और प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेंगे। संबंधित क्षेत्र में पांच या उससे अधिक लोग एकत्रित नहीं हो सकेंगे। हालांकि यह आदेश ड्यूटी पर कार्यरत शासकीय कर्मचारियों, अधिकारियों, बारात या शवयात्रा पर लागू नहीं होगा।