प्रदेश में एक जनवरी से 28 अक्तूबर 2023 तक डेंगू के 4232 मरीज मिल चुके हैं। वहीं, अब तक भोपाल और ग्वालियर में दो मरीजों की मौत हुई है। इस साल डेंगू पिछले साल के मुकाबला छह गुना ज्यादा फैला। अभी अगले महीने तक डेंगू मरीजों की संख्या में इजाफा होने की आशंका है। प्रदेश में 1 जनवरी से 28 अक्तूबर 2023 तक 4232 डेंगू मरीज मिले हैं। जबकि पिछले साल इस समय के दौरान मरीजों की संख्या सिर्फ 700 थी। वहीं, प्रदेश में डेंगू से भोपाल और ग्वालियर में दो मरीजों की मौत हुई है। हालांकि, अधिकारी मौतों को संदिग्ध मानकर उसकी जांच करने की बात कह रहे हैं।
मच्छरों के अनुकूल रहा मौसम
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस साल सितंबर-अक्तूबर में बारिश होने से डेंगू फैलाने वाले मच्छर को ब्रीडिंग के अनुकूल तापमान मिल गया। उन्होंने कहा कि तापमान में गिरावट के साथ ही केसों में भी कमी आएगी। हालांकि, अभी 15 नवंबर तक केस बढ़ने की आशंका जताई गई है।
मलेरिया विभाग पर उठ रहे सवाल
प्रदेश में लगातार बढ़ते संक्रमण के चलते प्रदेश में मलेरिया विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल, मलेरिया विभाग तीन महीने पहले से डेंगू फैलाने वाले मच्छर के लार्वा का पता लगाने सर्वे और उन्हें मारने के लिए फॉगिंग कर दवा का छिड़काव करता है। अब लगातार बढ़ते संक्रमण के कारण दवा छिड़काव और सर्वे कागजों में करने के सवाल खड़े हो रहे हैं।
इंदौर चौथे नंबर पर
प्रदेश में डेंगू के केस सबसे ज्यादा ग्वालियर में 658 है। यहां पर पिछले साल 670 मरीज मिले थे। वहीं, दूसरे नंबर 580 केस के साथ भोपाल है। यहां पिछले साल 675 केस थे। इसके तीसरे नंबर पर 438 केस के साथ मुरैना है, यहां पिछले साल 125 केस थे। चौथे नंबर पर 358 केस के साथ इंदौर है, यहां पर पिछले साल 250 केस थे। रीवा में 325, विदिशा में 303 और जबलपुर में अब तक डेंगू के 134 मरीज मिले हैं।