प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा तथा प्रदेश सरकार में मंत्री भूपेन्द्र सिंह के खिलाफ जिला न्यायालय में मानहानि का प्रकरण पेश किया गया है। मानहानि का प्रकरण राज्यसभा सदस्य व वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा की तरफ से पेश किया गया है।
पूर्व महाधिवक्ता तथा राज्यसभा सांसद के अधिवक्ता शशांक शेखर ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षित सीट के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश पारित किए थे। जिसके बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद वी डी शर्मा तथा प्रदेश सरकार के मंत्री ने राज्यसभा सांसद व अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा के खिलाफ आपत्तिजनक व गलत बयानबाजी की थी। जिसके कारण उनकी छबि धूमिल हुई थी। तन्खा ने अनावेदक तीनों व्यक्तियों को तीन दिन में सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का कानूनी नोटिस भेजा था। निर्धारित अवधि के बावजूद भी उन्होंने माफी नहीं मांगी। तीनों व्यक्तियों के खिलाफ धारा 499 तथा 500 के तहत प्रकरण दर्ज किए जाने की मांग करते हुए जिला न्यायालय में प्रकरण पेश किया गया है। जिस पर जिला न्यायालय द्वारा जल्द सुनवाई की जाएगी।
ये है मामला
मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव में ओबीसी सीटों के निर्वाचन पर रोक लगाए जाने के बाद मुख्यमंत्री
शिवराज सिंह चौहान, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा व नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने इसके लिए विवेक तन्खा को जिम्मेदार ठहराया था। दावा किया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में उनकी याचिका के चलते ऐसा आदेश हुआ। इसे मिथ्या और आधारहीन बताते हुए विवेक तन्खा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर ने 19 दिसंबर को 10 करोड़ रुपये मानहानि का दावा करते हुए सीएम सहित तीनों नेताओं को नोटिस भेजा था।