दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 25 साल पुराने बैंक घोटाले में दिल्ली की विशेष कोर्ट ने दोषी ठहराया। फर्जी दस्तावेज और FD गड़बड़ी से बैंक को नुकसान पहुंचाने के आरोप साबित हुए हैं।
मध्यप्रदेश की राजनीति में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामले में अदालत ने दोषी करार दिया है। करीब 25 साल पुराने बैंक घोटाले मामले में दिल्ली की विशेष MP/MLA कोर्ट ने सुनवाई करते हुए उन्हें दोषी मानते हुए तिहाड़ जेल भेजने के निर्देश दिए हैं। सजा की अवधि का एलान कोर्ट कल करेगा।
यह मामला जिला सहकारी कृषि ग्रामीण विकास बैंक, दतिया से जुड़ा है। आरोप है कि बैंक अध्यक्ष रहते हुए राजेंद्र भारती ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर और रिकॉर्ड में हेरफेर कर फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में गड़बड़ी की। उन्होंने नियमों के विरुद्ध जाकर 13.5 प्रतिशत की ऊंची ब्याज दर का अनुचित लाभ लिया और FD की अवधि को अवैध रूप से बढ़ाकर बैंक को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाया।
अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई गंभीर धाराओं के तहत दोषी माना है, जिनमें धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (फर्जी दस्तावेज), 409 (आपराधिक विश्वासघात) और 120B (आपराधिक साजिश) शामिल हैं। इस मामले में उन्हें पहले ही हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिल सकी थी।
मामले का आसान तरीके से समझें
1- 24 अगस्त 1998 को आरोपी राजेन्द्र भारती की मां सावित्री श्याम ने, श्याम सुंदर श्याम संस्थान की अध्यक्ष रहते हुए, जिला सहकारी ग्रामीण विकास बैंक दतिया में 10 लाख रुपये की एफडी 3 साल के लिए 13.50% वार्षिक ब्याज दर पर कराई थी।