मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दशहरा मैदान में शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में झुककर प्रणाम किया। साथ ही कहा कि आप कर्मचारी नहीं बच्चों को भविष्य गढ़ने वाले हो।
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सीएम शिवराज ने शिक्षकों को सौंपे नियुक्ति पत्र
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दशहरा मैदान में शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में झुककर प्रणाम किया। साथ ही कहा कि आप कर्मचारी नहीं बच्चों को भविष्य गढ़ने वाले हो।
प्रदेश के 15 हजार के करीब शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए दशहरा भेल मैदान पर एकत्रित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सभी शिक्षकों को झुककर प्रणाम किया। सीएम बोले कि आपको गुरु होने के नाते प्रणाम किया। आप कर्मचारी नहीं आप देश के बच्चों का भविष्य गढ़ने वाले हैं। सीएम ने कहा कि आप ही देश का भविष्य गढ़ेंगे। आप नौकर नहीं निर्माता हैं। उन्होंने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि आप जो काम कर रहे हैं वो नौकरी नहीं है। आपके ऊपर बहुत बढ़ी जिम्मेदारी है। आपको भारत के लिए बच्चों को तैयार करना है। सीएम ने कहा कि मैं अपने गुरु के पैरों पर सिर रखकर आशीर्वाद लेता था। मेरे गुरु ने मुझे एक मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि तुम अनंत शक्तियों का भंडार हो, सब कुछ कर सकते हो। सीएम ने कहा कि हर बच्चा अनंत शक्तियों का भंडार है।
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सीएम शिवराज ने कार्यक्रम में छोटी बच्चियों का पूजन किया
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कुछ शिक्षकों को नियुक्ति पत्र भी दिए। इससे पहले स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्वयन 100 प्रतिशत हमारे शिक्षकों पर निर्भर है। शिक्षक केवल रोजगार के लिए नहीं बल्कि व्यक्ति और समाज के निर्माण के लिए भी है। मंत्री ने कहा कि नेशनल एचीवमेंट सर्वे में हम 17वें स्थान से 5वें नंबर पर पहुंचे हैं। प्रदेश में स्कूल शिक्षा की दिशा और भविष्य की आकांक्षाओं से अवगत कराया।
प्रदेश के अलग-अलग जिलों से प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे शिक्षक
- फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम में टीजी नियोगी नई शिक्षा नीति शिक्षक के संदर्भ में, डॉ. एसबी ओझा शालेय शिष्टाचार और केके पाराशर मूल्यांकन विषय पर शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया। मुख्यमंत्री कार्यक्रम में विभागीय प्रशिक्षण नीति एवं विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण मार्गदर्शिका का विमोचन भी किया। कार्यक्रम का आयोजन जनजातिय कार्य और स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से किया गया। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री मीना सिंह मांडवे भी उपस्थित थीं।
मध्यप्रदेश की शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियां
NAS -2021 में मध्यप्रदेश बड़ी छलांग लगाकर देश में 5वें स्थान पर पहुंचा।
पिछले पांच सालों में प्राइमरी स्कूल में ड्रॉप आउट रेट 4.92 से घटकर 1.35 हुआ।
मध्य प्रदेश आज देश के उन अग्रणी राज्यों में से एक है, जहां के स्कूलों में STEAM शिक्षा पद्धति लागू कर दी गई।
कोरोना काल में हमारा घर -हमारा विद्यालय जैसी योजनाएं हमने चलाईं।
स्कूल शिक्षा बजट बढ़कर 12% से अधिक हो गया।
प्राथमिक शालाओं, माध्यमिक शालाओं, हाई स्कूल्स एवं हायर सेकेंडरी स्कूल की संख्या अब दोगुनी हो गई।
सरकारी स्कूलों में निशुल्क साइकिल, निशुल्क पुस्तकें एवं निशुल्क गणवेश का वितरण।
छात्रवृति एवं मध्यान्ह भोजन भी दिया जा रहा है।
शिक्षकों की भर्ती में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दे रहे हैं।
निष्ठा प्लेटफॉर्म पर अब तक 3 लाख 20 हजार से अधिक शिक्षकों का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है।
प्रदेश की लगभग 20 हजार आंगनवाडियां शाला परिसर में स्थित हैंं।
प्रदेश में 9,200 सर्वसुविधा संपन्न सी.एम. राईज स्कूल खोले जा रहे हैं।
पहले चरण में 370 विद्यालय स्वीकृत कर इसी सत्र से प्रारंभ कर दिए गए हैं।
स्कूली विद्यार्थियों को साइकिल वितरण में ई - रूपी का उपयोग हो रहा है।
उमंग हेल्पलाइन के टेली काउंसिलिंग की व्यवस्था सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है।
गोंडी, बेगानी, भीली, कोरकू आदि स्थानीय बोलियों में प्राथमिक स्तर पर अध्यापन के लिए प्राइमर विकसित किए गए।