मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को इंदौर में राज्य स्तरीय स्वच्छता समारोह में भाग लिया। उन्होंने स्वच्छता मित्रों से संवाद किया। सीएम ने इंदौर की खुलकर तारीफ की और कहा कि इंदौर स्वच्छता में छक्का मारेगा। स्वच्छता सीखनी है तो इंदौर से सीखो।
दरअसल राज्य स्तरीय सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री चौहान ने अपने संबोधन में इंदौर की खूब तारीफ की। स्वच्छता को लेकर इंदौर में किए गए नवाचारों और कार्यों को सराहा। प्रदेश के दूसरे निकायों को नसीहत दी कि इंदौर से सीखें कैसे सफाई की जाती है। कैसे स्वच्छता रखी जाती है। सीएम ने कहा कि स्वच्छता सीखनी है तो इंदौर से सीखो। मध्य प्रदेश स्वच्छता में तीसरे नंबर पर है। पहले नंबर में आने के लिए सभी प्रयास करें। प्रदेश के लोग स्वच्छता को चुनौती के रूप में लें।
सीएम ने कहा कि पहले लोग यह करते थे कि केला खाया छिलका फेंका, पान खाया और थूक दिया, अपना घर साफ किया और कचरा बाहर पटक दिया। मोदीजी के संकल्प से स्वच्छता का सपना साकार हुआ है। अब इंदौर में लोग चॉकलेट खा रैपर जेब में रखते हैं। सोच बदल गई है। मैं प्रदेश के 407 शहरों को बदलना चाहता हूं। केवल सरकारें शहर को बदल नहीं सकती जब तक जनता साथ न हो। मध्य प्रदेश को नंबर 1 देशभर में बनाना है। मुख्यमंत्री ने इंदौर भोपाल, देवास, उज्जैन, सिंगरौली और बुरहानपुर नगर निगम टीम को सम्मानित किया। इंदौर को 5 करोड़, भोपाल को 1 करोड़, देवास को 1 करोड़ रुपए की राशि उज्जैन, ग्वालियर, सिंगरौली, बुरहानपुर, धार को 50-50 लाख की राशि दी गई। खंडवा, सागर, नवगांव, दमोह, सिवनी, बड़नगर, मुंगावली, सहित अन्य नगरीय निकाय को 25-25 लाख की राशि दी गई। इंदौर को सर्वश्रेष्ठ राज्य संभाग के पुरस्कार से भी नवाजा गया। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह कार्यक्रम पहले भोपाल में होने वाला था। मैंने कहा, यह कार्यक्रम इंदौर में किया जाए। अगर भोपाल को यह कार्यक्रम करवाना है तो इंदौर से स्वच्छता में मुकाबला करें।