देश आज 74वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। पूरे देश में खुशी का माहौल है। इस पर्व पर मध्यप्रदेश सरकार ने जेल में बंद कुछ बंदियों को जीवन की सबसे बड़ी खुशी दी है। सतना केंद्रीय जेल के कुल 15 कैदियों को आज रिहा कर दिया गया। 14 बंदी आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे थे, जबकि एक बंदी छोटी सजा। इनमें से दो महिला बंदी भी हैं।
दरअसल, सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार अपराध बोध के बाद उच्च आचरण वाले चिन्हित बंधुओं को सजा में छूट का प्रावधान है। इनकी सजा माफ करने की व्यवस्था की गई, जिससे इन बंदियों को इसका लाभ मिला है। बता दें कि आजादी के अमृत महोत्सव पर साल में चार बार बंदियों को रिहा किया जा रहा है।
अच्छे आचरण से मिली आजादी...
14 साल की अवधि पूरी होने के बाद जेल प्रशासन ने उसके अच्छे आचरण के आधार पर उसकी रिहाई का प्रस्ताव भेजा था, जिसे सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसके लिए जेल प्रशासन ने परिजनों को सूचना दे दी थी, जिसके चलते परिजन भी सेंट्रल जेल पहुंच गए। वहीं, जिनके परिजन जेल नहीं पहुंचे, उन्हें जेल प्रशासन ने घर पहुंचाने की व्यवस्था की।
इस जिले से इतने बंदी की रिहाई...
जेल अधीक्षक लीना कोस्टा ने जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय जेल सतना में सजा काट रहे सतना के आठ, छतरपुर के तीन, पन्ना और रीवा के एक-एक कैदी को रिहा किया गया। जबकि जिले की अन्य जेलों से दो कैदियों को रिहा किया गया। समाज में सुद्ध आचरण बनाए रखने की शपथ लेने के बाद आज 15 बंदियों को जेल से रिहा कर दिया गया।