मध्य प्रदेश में गर्मी से राहत है। तापमान में गिरावट रही। रात का तापमान 30 डिग्री के नीचे पहुंच गया है। प्री मानसून की बारिश से हवाएं ठंडी हो गई हैं। उमरिया में दिन के पारे में 9 डिग्री से ज्यादा गिरावट रही। प्रदेश में उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में कई जगहों पर बूंदा-बांदी हुई। ग्वालियर-चंबल संभागों के जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट दिया गया है।
कैसे रहे बीते 24 घंटे
मौसम विभाग के आंकड़ों की बात करें तो दिन और रात का पारा लुढ़का है। उमरिया में दिन के पारे में 9 डिग्री से ज्यादा गिरावट रही। सिवनी सबसे गर्म रहा। सिवनी में 43.8, रायसेन में 42.6, खंडवा में 42.1, खरगोन-नौगांव-टीकमगढ़ में 42, राजगढ़ में 41.8, ग्वालियर में 41.7, खुजराहो में 41.6, दमोह में 41.5, गुना में 41.4, सागर में 41.3 डिग्री अधिकतम तापमान रहा। न्यूनतम तापमान की बात करें तो करीब पांच डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश में सबसे गर्म रात दमोह की रही। दमोह में 29.2, राजगढ़ में 28.8, भोपाल में 28, राजगढ़ में 27.8, ग्वालियर में 27.3, होशंगाबाद में 27.1, जबलपुर में 27 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
मध्य प्रदेश के बड़े शहरों का तापमान
| शहर |
अधिकतम तापमान |
न्यूनतम तापमान |
| भोपाल |
40.8 |
28.0 |
| इंदौर |
37.7 |
25.1 |
| जबलपुर |
38.5 |
27.0 |
| ग्वालियर |
41.7 |
27.3 |
क्या कहता है आगे का अनुमान
मौसम विभाग की रिपोर्ट कहती है कि पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर, शहडोल, जबलपुर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा हुई। शिवपुरी में 3, पोहरी में 2, कोलारस, गुढ़, विजयराघौगढ़, हनुमना, त्योंथर में 1 सेमी तक बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग का अगले 24 घंटे के लिए पूर्वानुमान कहता है कि रीवा, सागर, ग्वालियर, चंबल संभागों के जिलों में तथा भोपाल, नर्मदापुरम, शहडोल, जबलपुर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं बारिश-आंधी चल सकती है। उपरोक्त सभी जगहों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। ग्वालियर-चंबल संभागों के जिलों में हवा की गति 40 से 50 किमी प्रतिघंटा रह सकती है। साथ ही यहां ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। अगले दो-तीन दिन तापमान नहीं बढ़ेगा।
कौनसे सिस्टम डाल रहे प्रभाव
मौसम विभाग के अनुसार अब प्रदेश में प्री मानसून इंटर कर चुका है। सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं, धूल भरी आंधी और बूंदा-बांदी होने का अनुमान है। इसके चलते तापमान में गिरावट होगी। मौसम जानकारों की मानें तो राजस्थान में हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बन चुका है। वहीं एक पश्चिमी विक्षोभ अफगनिस्तान तक आ चुका है, जिसका प्रभाव देश पर पड़ना शुरू हो गया है। इसके सम्मिलित प्रभाव से प्रदेश में असर दिखना शुरू हो गया है जो कि सोमवार को और बढ़ेगा। वहीं पूर्व-पश्चिमी द्रोणिका बनने लगी है वहीं उत्तरी- दक्षिणी द्रोणिका भी बनी हुई है। इसके असर से कई स्थानों पर बूंदा-बांदी, धूल भरी तेज हवाएं चलने जैसी प्री मानसूनी गतिविधियां बढ़ेंगी।