पुलिस के जवान पहाड़ी पर बसे एक गांव के आदिवासियों के लिए राशन-पानी लेकर पैदल ही पहुंचे।
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कोरोना वायरस के कारण पूरे देश लॉकडाउन है। लोग घरों में बंद हैं, सड़कों पर सन्नाटा पसरा है, लेकिन पुलिस के जवान हर मदद के लिए तैनात हैं। इस लॉकडाउन के दौरान देश ने पुलिस के जवानों का एक अलग ही रूप देखा है। वो इस महामारी के समय में आम जनता की हर जरूरत को पूरा कर रहे हैं।
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के गांव भंडारपानी के आदिवासियों के लिए भी इस वक्त पुलिस के जवान देवदूत साबित हुए है। भूख-प्यास से तड़प रहे यहां के लोगों के लिए पुलिस के जवान लॉकडाउन में 1800 फीट ऊंची दुर्गम पहाड़ी पर बसे भंडारपानी गांव के आदिवासियों के लिए राशन-पानी लेकर पैदल ही पहुंचे।
भंडार पानी पहाड़ी पर पुलिस के जवान वन विभाग की सहायता के साथ सुबह 6:00 बजे से पहाड़ी पर चढ़ने की यात्रा शुरू की और करीब 12:00 बजे के आसपास भंडारपानी पहाड़ी पर पहुंच गए जहां पर आदिवासियों का एक समूह निवास करता है।
पुलिस के जवानों ने घर-घर घूम के सभी आदिवासियों को राशन वितरण किया गया। साथ ही साथ लोगों की जांच भी की गई कि किसी को किसी भी प्रकार की समस्या तो नहीं है। कुछ लोगों को सामान्य खांसी और जोड़ों में दर्द की शिकायत थी, उनके ब्लड सैंपल जांच के लिए लिया गया।
भूख-प्यास से व्याकुल लोगों के लिए अपने कंधों पर राहत सामग्री लेकर जब पुलिस के जवान गांव पहुंचे, तो लोगों की आंखें खुशी से छलक गए। पुलिस के जवान हर रोज अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की सुरक्षा के लिए मैदान में डटे हैं।